अयोध्या। राम नगरी अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में श्रीराम लला सहित आउर मंदिरन के चढ़ावा चोरी के ममिला सामने अइला के बाद प्रदेश सरकार के ओर से गठित एसआईटी (SIT) आपन सुरुआती जांच पूरा कs लेले बिया। टीम आज माने अतवार के प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय में सउप सकेले। रिपोर्ट जमा भइला के बाद एसआईटी अब एह ममिला में एफआईआर दर्ज करावे के तइयारी में जुट गइल बिया।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के जांच खातिर बनावल गइल एसआईटी अब तक के जांच के आधार पs कानूनी कार्रवाई सुरू कs सकेले। एफआईआर दर्ज भइला के बाद ममिला में संलिप्त कर्मचारी आ आउर लोगन के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसला के प्रक्रिया सुरू होई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरदेस के मोताबिक एसआईटी 15 दिन के भीतर अंतिम रिपोर्ट सउपे के कोसिस करी, जवना में पूरा ममिला साफ होखे के उम्मीद बा।
सात दिन के जांच में कइयन गो बिंदुअन पs मिलल खामी
एसआईटी अब तक अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा के रुपिया आ आभूषण के गिनती से जुड़ल कर्मचारी, ट्रस्ट के पदाधिकारी आ बैंक अधिकारियन से पूछताछ कs चुकल बिया। जांच के दौरान टीम के कइयन गो महत्वपूर्ण बिंदुअन पs खामी मिलल बा।
ममिला सामने अइला के बाद 13 जून के शासन लखनऊ के मंडलायुक्त डॉ. विजय विश्वास पंत के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम के गठन कइले रहे। एसआईटी 15 जून से जांच सुरू कइले रहे आ सात दिन के जांच के बाद प्रारंभिक रिपोर्ट तइयार कइले बिया।
9 पेन ड्राइव में जुटावल गइल दस्तावेज आ सबूत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेस पs गठित एसआईटी सुक तक प्रारंभिक रिपोर्ट लगभग तइयार कs लेले रहे। जांच के दौरान टीम जरूरी दस्तावेज आ सबूत जुटवले बिया। बतावल जा रहल बा कि एसआईटी 9 पेन ड्राइव में महत्वपूर्ण जानकारी आ रिकॉर्ड सुरक्षित कइले बिया।
राम मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पहुंचला के बाद एसआईटी अधिकारी उनकरा से मुलाकात कइले। मानल जा रहल बा कि अधिकारी मुख्यमंत्री के जांच के प्रगति के जानकारी देलें। मुख्यमंत्री निष्पक्ष तरीका से जांच पूरा करे के निरदेस देलें।
एसआईटी के बड़ डेग
जांच के दौरान एसआईटी संदेह के घेरा में आइल लोगन के साफ निरदेस देले बिया कि बिना अनुमति अयोध्या से बाहर मत जाईं। संगही ट्रस्ट के पदाधिकारी लोगन के जिला छोड़ला पs रोक लगावल गइल बा।
छव दिन के जांच के बाद एसआईटी प्रारंभिक रिपोर्ट तइयार कs लेले बिया। टीम दानपात्र में आइल धन के इस्तेमाल, अनावश्यक खर्च आ जमीन खरीद से जुड़ल ममिला के जांच कइले बिया।
एसआईटी साल 2021 तक के पुरान रिकॉर्ड खंगाल चुकल बिया। एह दौरान बैंक अधिकारियन से पूछताछ कइल गइल बा। अब एफआईआर दर्ज भइला के बाद ममिला में आगे के कार्रवाई तेज होखे के संभावना बा।










