TMC Rebel MPs : बागी सांसदन के विलय पs तुरंत फैसला ना होई, लोकसभा स्पीकर लिहें कानूनी राय, ममता गुट से मांगल गइल जवाब

By Shweta Supriya

Published on: Jun 16, 2026

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदन के NCPI पार्टी में विलय के ममिला में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बहुत सावधानी से डेग उठा रहल बाड़ें। एह ममिला में अभी तुरंत कवनो फैसला

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OM Birla

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदन के NCPI पार्टी में विलय के ममिला में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बहुत सावधानी से डेग उठा रहल बाड़ें। एह ममिला में अभी तुरंत कवनो फैसला ना लिहल जाई।

सूत्रन के मोताबिक, स्पीकर कवनो निर्णय लेवे से पहिले दुनो पक्ष के बात खुद सुनिहें। एमे बागी सांसद आ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला मूल टीएमसी गुट सामिल बा। एह खातिर लोकसभा स्पीकर कार्यालय ममता बनर्जी गुट के एगो ईमेल भेज के पूरा ममिला पs उनकर राय आ पक्ष मंगले बा।

मानसून सत्र से पहिले आ सकेला फैसला

सूत्रन के कहनाम बा कि संसद के मानसून सत्र सुरू होखे से पहिले एह ममिला पs फैसला हो सकेला।लोकसभा स्पीकर ओम बिरला एह मुद्दा पs केंद्रीय कानून मंत्रालय से लिखित कानूनी राय मांग सकेलें। कानून मंत्रालय देस के वरिष्ठ कानून विशेषज्ञ आ सरकारी वकीलन से सलाह ले सकेला।

ई डेग एह खातिर उठावल जा रहल बा ताकि स्पीकर के फैसला कानूनी रूप से मजबूत होखे आ जदि बाद में ममिला में अदालत में चुनौती दिहल जाये तs फैसला पs सवाल ना उठे।

संविधान के 10वीं अनुसूची पs उठल सवाल

टीएमसी बागी सांसदन के डेग पs कानूनी आ संवैधानिक विशेषज्ञ सवाल उठावे लागल बा लोग। लोकसभा के पूर्व महासचिव आ संविधान विशेषज्ञ पीडीटी आचार्य संविधान के 10वीं अनुसूची (दलबदल कानून) के हवाला देत कहलें कि नियम के मोताबिक एगो राजनीतिक दल के दूसरा राजनीतिक दल में विलय हो सकेला, बाकिर सांसद भा विधायक अपना मन से कवनो पार्टी के विलय नइखे करा सकत। जदि पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व विलय के फैसला लेला, तs सांसदन के ओकर पालन करे के पड़ेला।

ओहिजा, चुनाव आयोग के एगो पूर्व अधिकारी एह डेब के अनोखा प्रयोग बतवलें। उनकर कहनाम बा कि दलबदल विरोधी कानून भा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RPA) में सांसदन द्वारा एह तरीका से कवनो पार्टी के टेकओवर कs के विलय करे के प्रावधान नइखे।

काकोली घोष कहली- हमनी के NDA के हिस्सा बानी सs

टीएमसी में संकट तब आउर बढ़ गइल जब बागी सांसद अचानक NCPI में विलय के ऐलान कs दिहल लोग। बागी गुट के अध्यक्ष चुनल गइल काकोली घोष दस्तीदार बतवली कि टीएमसी के दू-तिहाई माने 20 सांसद स्पीकर से अलग बइठे के बेवस्था खातिर चिट्ठी देले बा लोग।

ऊ कहली कि हमनी के नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी (NCPI) में सामिल हो रहल बानी सs आ केंद्र के एनडीए सरकार के समर्थन करीं।

NCPI पार्टी के अस्तित्व पs उठ रहल बा सवाल

बतावल जा रहल बा कि जवना NCPI पार्टी के सहारा लेके बागी सांसद आपन सदस्यता बचावे के कोसिस कs रहल बा लोग, ओकर रजिस्ट्रेशन जनवरी 2023 में पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिला से भइल रहे।हालांकि देस के राजनीति में एह पार्टी के अब तक कवनो खास पहचान नइखे बनल। अब सब केहू के नजर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के फैसला पs टिकल बा।

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