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मई में दिखी Flower Moon आ Blue Moon, आसमान में एक संगे कतार में नजर आई बुध, शुक्र आ बृहस्पति

May 2026 Flower Moon, Blue Moon and Planetary Alignment
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लाइफस्टाइल डेस्क। खगोलीय घटना के नजर से मई महीना खास महत्व रखेला। एह दौरान दूगो दुर्लभ खगोलीय घटना होखे जा रहल बा। एह महीना में दूगो पूर्णिमा के रात होई, जवन कि हर दू-तीन साल पs एक बेर देखे के मिलेला। ई बसंत के चरम आ नया सुरुआत के प्रतीक मानल जाला। पहिला पूर्णिमा एक मई के होई, जवना के फ्लावर मून कहल जाला।

मई में दिखी ब्लू मून आ फ्लावर मून

दूसरका पूर्णिमा 31 मई के रात में होई, जवना के ब्लू मून कहल जाला। ई साल 2026 के माइक्रो मून हs, जवन ओह समय होखेला जब पूरा चांद धरती से सबसे दूर रहेला। माइक्रो मून, सुपर मून के तुलना में करीब 12-14 प्रतिशत छोट दिखाई देला। एह के 16 कला वाला चंद्रमा के रूप में सुभ आ ऊर्जा के प्रतीक मानल जाला।

खगोल वैज्ञानिक मई के पूर्णिमा के अलग-अलग नाम देले बा लोग। एह के कली फूटे वाला भा पत्ता निकले वाला चांद कहल जाला, जवन प्रकृति में पौधन के बढ़त के संकेत देला। एकरा के जानवरन के बेवहार से जोड़ल जाला। अमेरिका के उत्तरी मैदान इलाका के डकोटा आ लकोटा जनजाति एह के बियाई वाला चांद मानत रहे, जबकि ओगलाला जनजाति एह के पोनी के बाल झड़े वाला चांद कहत रहे।

खगोल वैज्ञानिकन के अनुसार, उत्तरी गोलार्ध में मौसम के हिसाब से चंद्रमा के नाम रखल गइल बा। जइसे मई में फ्लावर मून, जून में स्ट्रॉबेरी मून आ जुलाई में बग मून कहल जाला। एह नामकरण के सुरुआत कनाडा के अल्गोक्विन लोग कइलस, जवन के बाद में यूरोपीय लोग अपनवलस।

जोनाथन कार्वर अपना किताब ‘ट्रैवल्स थ्रू द इंटीरियर पार्ट्स ऑफ नॉर्थ अमेरिका’ में मई के फूल के महीना बतवलें, एह से ई चांद फ्लावर मून के नाम से मशहूर भइल। जब एके महीना में दूगो पूर्णिमा होखेला, तs दूसरा के ब्लू मून कहल जाला। एह बेर ब्लू मून पूरब दिशा में वृश्चिक तारामंडल के चमकीला तारा एंटारेस के लगे देखाई दी।

कतार में रही बुध, शुक्र आ बृहस्पति

मई महीना में उल्का वर्षा एटा एक्वेरिडो देखे के मिली। एह के देखे के सबसे बढ़िया समय 5 मई के भोर से ठीक पहिले होई। 4, 5, 6 आ 15 से 27 मई के बीच ई उल्का वर्षा जारी रही।

मई के बीच (15-16 तारीख) ग्रह के परेड देखे के मिली, जवना में बुध, शुक्र आ बृहस्पति एक संगे सांझ के समय नजर आई। 13 मई के चंद्रमा शनि के नजदीक रही, 15 मई के मंगल, 17 के बुध, 19 के शुक्र आ 20 मई के बृहस्पति के लगे देखाई दी।

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