नई दिल्ली। फिलिम में अक्सर देखल गइल बा कि कइसे एगो जासूस दोसरा देस में घुसके सरकार के भरोसा जीत लेला आ आपन मकसद पूरा करेला। अब अइसने एगो ममिला असल जिनिगी में सामने आइल बा। भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव पs आरोप बा कि ऊ अपना के अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के एजेंट बताके इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो आ कइयन गो बड़ अधिकारियन के भरोसा जीत लेलस आ अरबन डॉलर के रक्षा सौदा हासिल करे के कोसिस कइलस।
कइसे इंडोनेशिया सरकार के भरोसा जीतलस?
ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) के रिपोर्ट के मोताबिक, गौरव श्रीवास्तव अपना के CIA अधिकारी बताके प्रभावशाली लोगन से नजदीकी बढ़वलस। आरोप बा कि ऊ इंडोनेशियाई सेना खातिर 36 लड़ाकू विमान, ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर आ मिलिट्री कमांड सिस्टम उपलब्ध करावे के नाम पs अरबन डॉलर के रक्षा समझौता के भरोसा देलस।
रिपोर्ट में इहो दावा कइल गइल बा कि गौरव, इंडोनेशिया के तत्कालीन रक्षा मंत्री आ मवजूदा राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के संगे करीबी संबंध बना लेलस। साल 2020 में ऊ वॉशिंगटन डीसी आ जकार्ता में कइयन गो उच्चस्तरीय बैठक में सामिल भइल, जहां रक्षा खरीद पs चरचा भइल। बाद में फर्जी शेल कंपनी के माध्यम से इंडोनेशिया से करीब 425 करोड़ रुपिया के कर्ज मंजूर करावे के आरोप बा।
बाली बम धमाका से जुड़ल दावा कइलस
रिपोर्ट के मोताबिक, गौरव श्रीवास्तव ई दावा कइले रहे कि साल 2002 के बाली बम धमाका के दोषियन के पहचान करे में ऊ मदद कइले रहे। एह हमला में 200 से जादे लोगन के जान गइल रहे। इहां तक कि ऊ इहो कथित तौर पs कहलस कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के नावे अमेरिकी इमिग्रेशन ब्लैकलिस्ट से हटवावे में उनकर भूमिका रहे।
शेल कंपनी के माध्यम से डिफेंस डील हासिल करे के आरोप
OCCRP के अनुसार, साल 2020 में श्रीवास्तव इंडोनेशिया से रक्षा उपकरण किने खातिर तीन गो लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) हासिल करे में सफल भइल। एकरा बाद 2021 आ 2022 में दोसर रक्षा परियोजना खातिर एगो आउर LOI आ एगो मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) मिलल।
रिपोर्ट में कहल गइल बा कि 2020 से 2022 के बीच श्रीवास्तव से जुड़ल चार गो कंपनी इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय आ सरकारी रक्षा कंपनी के संगे पांच गो सुरुआती रक्षा समझौतन पs हस्ताक्षर कइलस।
अरबन डॉलर के प्रस्तावित रक्षा सौदा
प्रस्तावित रक्षा सौदा में 36 F-15 लड़ाकू विमान, UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 ट्रांसपोर्ट विमान आ इंडोनेशिया खातिर मिलिट्री कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनावे के योजना सामिल रहे।
साल 2022 में अमेरिका इंडोनेशिया के 36 F-15 लड़ाकू विमान बेचे के मंजूरी देले रहे। एह सौदा के अनुमानित कीमत करीब 13.9 अरब डॉलर बतावल गइल रहे। हालांकि OCCRP के दावा बा कि श्रीवास्तव से जुड़ल चारों कंपनी खाली शेल कंपनी रहे आ एह कंपनियन के पहिले रक्षा खरीद के कवनो अनुभव ना रहे।
पूर्व कारोबारी साझेदार लगवलें गंभीर आरोप
ई पूरा ममिला गौरव श्रीवास्तव के पूर्व कारोबारी साझेदार नील्स ट्रोस्ट के ओर से कैलिफोर्निया आ न्यूयॉर्क के अदालत में दायर दीवानी मुकदमा पs आधारित बा।
ट्रोस्ट के दावा बा कि ऊ अपना कंपनी में श्रीवास्तव के 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देले रहलें। उनका मुताबिक, श्रीवास्तव इंडोनेशिया के कइयन गो प्रभावशाली उद्योगपतियन से संबंध बनवले रहलें, जवना में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के भाई आ अर्सारी ग्रुप के चेयरमैन हाशिम दजोजोहादिकुसुमो सामिल रहलें।
मुकदमा में सामिल रिकॉर्डेड फोन कॉल के आधार पs ई आरोप लगावल गइल बा कि श्रीवास्तव बार-बार ई दावा करत रहे कि ऊ CIA खातिर काम करेला। एह दावा के सहारे ऊ इंडोनेशिया सरकार के वरिष्ठ अधिकारियन के भरोसा जीत लेलें आ ऊंच स्तर के सरकारी बैठक तक पहुंच बनवलें।
अमेरिका में धोखाधड़ी के ममिला चल रहल बा
रिपोर्ट में इहो दावा कइल गइल बा कि कथित धांधली से कमाइल धन से गौरव श्रीवास्तव लॉस एंजिलिस में करीब 200 करोड़ रुपिया के आलीशान बंगला किनले बाड़ें।
एह ममिला में इहो आरोप बा कि अमेरिका आ इंडोनेशिया के बीच करीब 1.32 लाख करोड़ रुपिया के रक्षा सौदा से जुड़ल शेल कंपनियन के बाद में टैक्स ना जमा करे के कारण बंद कs दिहल गइल। फिलहाल गौरव श्रीवास्तव के खिलाफ अमेरिका में धोखाधड़ी से जुड़ल मुकदमा चल रहल बा, जवना पs अदालत में सुनवाई जारी बा।









