टेक डेस्क। गरमी के मौसम में जदि रउआ के घर में 1.5 टन के एसी लागल बा तs ओकरा इस्तेमाल से बिजली के खपत बहुते बढ़ जाला। एगो 1.5 टन एसी रोजाना चलला पs महीना में करीब 30 से 35 यूनिट तक बिजली खा सकेला। एही वजह से गरमी के महीना में बिजली बिल जेब पs भारी पड़ जाला। बाकिर जदि रउआ अपना घर के छत पs सोलर पैनल लगवा लीं तs बिजली बिल में बहुत कमी आ सकेला आ एसी के संगे-संगे घर के बाकी लोड आसानी से चलावल जा सकेला।
सरकार के ओर से घर पs सोलर सिस्टम लगावे खातिर मदद कइल जा रहल बा। सोलर पैनल लगववला पs सब्सिडी के सुविधा दिहल जा रहल बा, जवना से ग्राहक के खरचा कम हो जाला।
कवन सोलर सिस्टम लगावल सही रही?
जदि राउर इलाका में बिजली कटौती कम होला तs ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम सबसे बढ़िया विकल्प हो सकेला। एह सिस्टम में दिन के समय घर के बिजली सोलर पैनल से चल सकेला आ रात में ग्रिड बिजली के इस्तेमाल कइल जा सकेला। दिन में सोलर से बनल अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजल जा सकेला, जवना के फायदा बाद में मिलेला। एह तरे बिजली के खरचा में बहुते बचत हो जाला।
1.5 टन AC खातिर केतना सोलर पैनल जरूरी बा?
जहां धूप बढ़िया मिलेला, उहवां 1 किलोवॉट (kW) सोलर सिस्टम दिन भर में लगभग 5 यूनिट बिजली पैदा कs सकेला। जदि रउआ 30 यूनिट बिजली बनावे के बा तs कम से कम 6 किलोवॉट के सोलर सिस्टम लगावे के जरूरत पड़ी।
बाकिर जदि रउआ 8 किलोवॉट के सोलर सिस्टम लगवा लीं तs 1.5 टन एसी के संगे पूरा घर के पंखा, लाइट, टीवी आ बाकी उपकरण आराम से चल सकेला। 8kW सोलर सिस्टम दिन में करीब 40 यूनिट तक बिजली बना सकेला।
सोलर सिस्टम से का फायदा बा?
सरकार के पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत घर के छत पs सोलर पैनल लगववला पs सब्सिडी दिहल जा रहल बा। 1 किलोवॉट सिस्टम पs करीब 30 हजार रुपिया तक, 2 किलोवॉट पs करीब 60 हजार रुपिया आ 3 किलोवॉट भा ओकरा से जादे क्षमता पs करीब 78 हजार रुपिया तक सब्सिडी मिल सकेला।
कइयन गो राज्य सरकार सोलर सिस्टम पs अलग से सहायता देत बाड़ी सs। एकरा से सोलर लगवावे वाला लोगन के सुरुआती खर्च कम हो जाला आ हर महीना बिजली बिल में बड़ बचत हो सकेला। पीएम सूर्य घर योजना के तहत पात्र परिवार के मुफ्त बिजली के सुविधाे मिल सकेला।
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