नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट टीम एगो बड़ ठगी के ममिला के खुलासा कइले बिया। पुलिस एगो आदतन ठग पवन कुमार पांडेय उर्फ वरुण कुमार पांडेय के गिरफ्तार कइले बिया। आरोप बा कि ऊ खुद के उत्तर प्रदेश के एडीएम बताके लोगन के भरोसा जीतत रहे आ सरकारी नौकरी लगवावे आ नोएडा में प्लॉट दिलावे के नाम पs करीब 60 लाख रुपिया ठग लेले रहे।
मार्च में सुरू भइल रहे जांच
पुलिस के मोताबिक, 23 मार्च के पीपी सिधिपुरा, थाना डीबीजी रोड में ठगी के शिकायत दर्ज करावल गइल रहे। आरोपी पवन कुमार पांडेय खुद के वरुण कुमार पांडेय, एडीएम उत्तर प्रदेश बतावत रहे। ऊ अपना के बड़का सरकारी अधिकारी से करीबी संबंध वाला बताके लोगन के विश्वास में लेत रहे।
सरकारी नौकरी लगवावे आ नोएडा में सरकारी योजना के तहत प्लॉट आवंटन करावे के झांसा देके आरोपी शिकायतकर्ता आ ओकर सहजोगियन से करीब 60 लाख रुपिया ठग लेलस।
पुलिस जुटवलस कइयन गो सबूत
ममिला के जांच में पुलिस टीम शिकायतकर्ता आ गवाहन के बयान दर्ज कइलस। एकरा अलावे कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेन-देन, व्हाट्सएप चैट आ डिजिटल बातचीत के जांच कइल गइल।
पुलिस ई-साक्ष्य के माध्यम से आरोपी से भइल बातचीत रिकॉर्ड कइलस, जवना में ऊ खुद के लोधी रोड पs तैनात एडीएम बतावत रहे आ दावा करत रहे कि ऊ आजमगढ़ के मेहनगर तहसील में एसडीएम रह चुकल बा।
असली अधिकारी के पहचान के कइलस गलत इस्तेमाल
जांच में पता चलल कि आरोपी के मोबाइल फोन के एप्पल आईडी असली वरुण कुमार पांडेय के नाम पs रहे। असली वरुण कुमार पांडेय 2015 बैच के पीसीएस अधिकारी आ पूर्व एडीएम झांसी रह चुकल बाड़ें।सत्यापन के बाद खुलासा भइल कि आरोपी असली अधिकारी के पहचान आ पद के गलत इस्तेमाल करत रहे। पुलिस बैंक खाता आ यूपीआई ट्रांजेक्शन के जांच से ठगी के पूरा कैश ट्रेल तइयार कइले बिया।
अधिकारी से संबंध बताके करत रहे ठगी
पूछताछ में आरोपी कबूल कइलस कि ऊ जानबूझ के असली पीसीएस अधिकारी के पहचान चोरवले रहे।ऊ सोशल मीडिया पs मवजूद अधिकारी के फोटो आ जानकारी के इस्तेमाल कs के खुद के एडीएम बतावत रहे। आरोपी कइयन साल से एह तरीका से लोगन के ठगत रहे। ऊ फर्जी पहचान पत्र आ दस्तावेज बनवाके वरिष्ठ अधिकारी से संबंध के धौंस देत रहे आ बिचौलियन के माध्यम से मोट रकम वसूलत रहे।
पुलिस बरामद कइलस फर्जी दस्तावेज
पुलिस आरोपी के लगे से कइयन गो महत्वपूर्ण सामान बरामद कइले बिया। एमे सामिल बा-
- वरुण कुमार पांडेय, एडीएम सिटी उत्तर प्रदेश नाम के विजिटिंग कार्ड।
- वरुण कुमार पांडेय एडीएम नाम के पहचान पत्र।
- संदिग्ध फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र।
- सरकारी दस्तावेज।
- व्हाट्सएप चैट आ फोटो।
- मोबाइल फोन, स्क्रीनशॉट, ऑडियो रिकॉर्डिंग आ ई-साक्ष्य वीडियो।
ठगी के पईसा से आरोपी कार आ स्कूटी किनले रहे।
पहिलहू दर्ज बा ममिला
पुलिस के मोताबिक आरोपी के खिलाफ पहिलहू साहिबाबाद थाना में मुकदमा दर्ज बा। फिलहाल पुलिस आउर पीड़ितन के पहचान आ आरोपी के सहजोगियन के भूमिका के जांच करत बिया।
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