आरा। बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर ममिला में बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) राज्य सरकार के जांच रिपोर्ट जमा करे खातिर दू हफ्ता के अतिरिक्त मोहलत देले बा। आयोग अब एह ममिला पs अगिला सुनवाई तीन अगस्त 2026 के करी। एह बीच आयोग राज्य सरकार से भरत तिवारी के परिवार के अंतरिम राहत के रूप में मुआवजा देवे पs विचार करे के निरदेस देले बा।
हालांकि, आयोग मुआवजा के राशि तय नइखे कइले। ई फैसला राज्य सरकार के विवेक पs छोड़ दिहल गइल बा। आयोग साफ कहलस कि ई भुगतान अंतरिम राहत होई, एकरा से ना तs जांच प्रभावित होई आ ना अंतिम फैसला पs कवनो असर पड़ी।
सरकार मंगले रहल अतिरिक्त समय
भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर 17 जून के भोजपुर जिला के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भइल रहे। ममिला चरचा में अइला के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग 22 जून के स्वतः संज्ञान लेत मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP) आ भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) से चार हफ्ता के भीतर जांच रिपोर्ट मंगले रहे।
एह ममिला के सुनवाई पहिले 13 जुलाई खातिर तय भइल रहे, बाकिर 3 जुलाई के राज्य सरकार बतवलस कि न्यायिक जांच अभियो जारी बा, एकरा से रिपोर्ट तइयार करे खातिर दू हफ्ता के अतिरिक्त समय के जरूरत बा। आयोग एह अनुरोध के स्वीकार कs लेलस।
आयोग का कहलस?
बीएचआरसी के कहनाम बा कि जांच अभी पूरा नइखे भइल, एकरा से एह समय राज्य सरकार के कानूनी जिम्मेदारी तय कइल उचित ना होई। बावजूद एकरा, मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के धारा 18(सी) के तहत आयोग सरकार से कहले बा कि मृतक के परिवार के अंतरिम मुआवजा देवे पs विचार करे।
बीएचआरसी के निबंधक आ सेवानिवृत्त न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह बतवलें कि आयोग के आदेस मुख्य सचिव, डीजीपी, भोजपुर एसपी सहित संबंधित सब पक्षन के ईमेल से भेज दिहल गइल बा। डाक से आदेस के प्रति भेजल जा रहल बा।
का बा पूरा ममिला?
जानकारी के मोताबिक, 16 जून के पुलिस के सूचना मिलल रहे कि बिलौटी गांव के जुवक भरत तिवारी के लगे हथियार बा। एह सूचना पs पुलिस ओकरा घरे पहुंचल रहे। ओही दौरान एगो वीडियो वायरल भइल, जवना में भरत तिवारी हाथ में पिस्टल लहरावत नजर आइल रहे। हालांकि, ओह दिन पुलिस ना तs ओकरा के पकड़ सकल आ ना हथियार बरामद कs सकल।
अगिला दिन माने 17 जून के सबेरे कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी के मौत हो गइल। परिवार के आरोप बा कि भरत हथियार फेंक के आत्मसमर्पण कs देले रहे, बाकिर एकरा बादो पुलिस उनका ऊपर गोली चला के हत्या कs देलस।
एह ममिला में भरत तिवारी के माई आशा देवी संबंधित पुलिसकर्मियन के खिलाफ हत्या के प्राथमिकी दर्ज करवले बाड़ी। एकरा बाद बिहार सरकार पटना हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग गठित कइले बिया, जवन पूरा घटना के जांच करत बा।
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