गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी आ आधुनिक भारतीय भाषा आउर पत्रकारिता विभाग के आचार्य प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्र सनिचर के विभागाध्यक्ष के जिम्मेदारी संभार लेलें। ई जिम्मेदारी अभी तक चक्रानुक्रम में प्रोफेसर दीपक प्रकाश त्यागी निभावत रहलें, जवन तीन महीना 13 दिन के आपन दूसरका कार्यकाल पूरा कs के 24 अप्रिल के पद छोड़लें।
प्रतिष्ठित विद्वान बाड़ें प्रो. विमलेश मिश्र
प्रो. विमलेश मिश्र हिंदी साहित्य के मध्यकाल, भोजपुरी साहित्य आ भारतीय काव्यशास्त्र के जानल-मानल विद्वान बाड़ें। ऊ अभी तक छव गो मौलिक किताब लिख चुकल बाड़ें आ सात गो किताबन के संपादन कs चुकल बाड़ें। ऊ ‘अभिधा’ आ ‘विजयम’ पत्रिका के संपादन से जुड़ल रहलें। संगही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय खातिर भोजपुरी विषय पs महत्वपूर्ण पाठ्य सामग्री तइयार कइले बाड़ें। फिलहाल ऊ साहित्य अकादमी, दिल्ली के प्रोजेक्ट पs काम करत बाड़ें।
प्रो. मिश्र के लगे लमहर प्रशासनिक अनुभव बा। पिछिला तीन साल से ऊ विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष बाड़ें। एकरा से पहिले पांच साल तक डेलीगेसी के उपाध्यक्ष रहलें आ राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) में चार साल तक कार्यक्रम अधिकारी के रूप में सक्रिय जोगदान देले बाड़ें।
अपना संस्थान आ समाज के धरोहर होला शिक्षक
विभागाध्यक्ष बनला के बाद आपन पहिला बैठक में प्रो. मिश्र कहलें कि शिक्षक पहिले अपना संस्थान आ बाद में समाज के धरोहर होला। जे शिक्षक एह बात के समझी, ऊ अपना जिम्मेदारी के बेहतर ढंग से निभा सकी।

सांझ के पांच बजे विभाग के सदस्यन के संगे प्रो. विमलेश मिश्र, कुलपति प्रो. पूनम टंडन से मुलाकात कइलें। एह दौरान विभाग के भावी योजना पs चरचा भइल। कुलपति उनका के बधाई देत उज्जवल भविष्य के सुभकामना देली।
एह मवका पs विश्वविद्यालय के अलग-अलग विभाग के शिक्षक आ अधिकारी लोग खुसी जतावल, जबकि शोधार्थी वृक्षारोपण कs के आपन खुसी व्यक्त कइल लोग।
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