लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगर के लखनऊ में आयोजित जगद्गुरु रामभद्राचार्य के रामकथा कार्यक्रम में सामिल भइलें। एह दौरान ऊ कहलें कि मनुष्य के जिनगी के हर समस्या के समाधान प्रभु श्रीराम के नाम में बा। उनका अनुसार, दुनिया के हर भारतीय के डीएनए भगवान श्रीराम से जुड़ल बा आ भारत के पूरब से पश्चिम आ उत्तर से दक्षिण तक जोड़ेला तs खाली राम के नाम।
राम भारत के सांस्कृतिक एकता के प्रतीक : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहलें कि भगवान श्रीराम भारतीय संस्कृति के आधार हवें। एह कारण राम मंदिर निर्माण खातिर आंदोलन लगभग 500 बरिस तक अलग-अलग रूप में चलत रहल। ऊ कहलें कि प्रभु श्रीराम के नाम हर भारतीय के एक-दूसरा से जोड़े के काम करेला।
योगी आदित्यनाथ संत समाज के जोगदान के सराहना करत कहलें कि संतन के लगातार प्रयास आ संघर्ष के चलते अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण संभव हो सकल।
रामभद्राचार्य नारी सम्मान पs रखलें विचार
एह कार्यक्रम में जगद्गुरु रामभद्राचार्य समाज आ संस्कृति से जुड़ल कइयन गो मुद्दन पs आपन विचार रखलें। ऊ कहलें कि भारतीय संस्कृति में पत्नी के धर्मपत्नी कहल जाला, काहेकि ऊ अपना पति के गलत राह पs जाये से बचावेली।
रामभद्राचार्य कहलें कि नारी सम्मान सनातन संस्कृति के मूल मंत्र हs। उनका मोताबिक, महिलन के 33 प्रतिशत आरक्षण से आगे बढ़के 50 प्रतिशत आरक्षण मिलला पs ऊ कम ना होई। परिवार, समाज आ राष्ट्र निर्माण में महिला लोगन के भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बा।
रामकथा में सुनावल गइल वनवास के प्रसंग
रामकथा के दौरान जगद्गुरु रामभद्राचार्य भगवान श्रीराम के वनवास काल से जुड़ल कइयन गो महत्वपूर्ण प्रसंगन के वर्णन कइलें। ऊ आदिवासी समाज, गिरिवासी समुदाय आ शबरी से भगवान राम के मिलन के कथा सुनवलें।
संगही ऋषि शरभंग के प्रसंग के माध्यम से नवधा भक्ति के छठवां स्वरूप ‘वंदन भक्ति’ के विस्तृत व्याख्या कइलें। कार्यक्रम में बड़ संख्या में श्रद्धालु मवजूद रहल लोग आ रामकथा के रसपान कइलें।
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