नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहल राजनीतिक हलचल के बीच पार्टी के 20 में से 19 बागी सांसद अलग गुट बनावे के फैसला कइले बा लोग। बतावल जा रहल बा कि 18 मई के एह बागी सांसदन के सूची आधिकारिक रूप से लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में भेजल गइल बा।
पश्चिम बंगाल के राजनीति में एह घटनाक्रम के एगो बड़ मोड़ मानल जा रहल बा। टीएमसी के बागी सांसदन के ई डेग पार्टी नेतृत्व खातिर बड़ झटका मानल जा रहल बा।
लोकसभा अध्यक्ष से अलग गुट के मान्यता के मांग
बागी सांसद लोकसभा अध्यक्ष के पत्र सउप के अलग संसदीय गुट के मान्यता देवे के मांग कइले बा लोग। दल-बदल कानून से बचे खातिर कवनो पार्टी के बागी गुट के सदन में कम से कम दू-तिहाई सांसदन के समर्थन जरूरी होला। 19 सांसदन के आंकड़ा एह कानूनी शर्त के पूरा करे खातिर पर्याप्त मानल जा रहल बा।
स्पीकर के भेजल गइल 19 बागी सांसदन के नाम
सूत्रन के मोताबिक, लोकसभा अध्यक्ष के भेजल गइल सूची में ई नाम सामिल बा:
- काकोली घोष दस्तीदार
- शताब्दी रॉय
- बापी हलदर
- डॉ. शर्मिला सरकार
- प्रसून बंद्योपाध्याय
- जगदीश बर्मा बसुनिया
- असित कुमार मल
- अरूप चक्रवर्ती
- रचना बनर्जी
- सायोनी घोष
- खलीलुर्रहमान
- अबू ताहिर खान
- यूसुफ पठान
- मिताली बैग
- माला रॉय
- कालीपद सोरेन
- दीपक अधिकारी
- जून मालिया
- पार्थ भौमिक
यूसुफ पठान आ सायोनी घोष जइसन बड़ नाम सामिल
एह सूची में पूर्व क्रिकेटर आ सांसद यूसुफ पठान, अभिनेत्री आ नेता सायोनी घोष आ वरिष्ठ नेता शताब्दी रॉय जइसन प्रमुख नाम सामिल बा। राजनीतिक जानकारन के मोताबिक, जदि बागी गुट के मान्यता मिल जात बा तs संसद में टीएमसी के संख्या बल पs असर पड़ सकेला।
फिलहाल सबके नजर लोकसभा अध्यक्ष के फैसला आ बागी सांसदन के अगिला राजनीतिक कदम पर टिकल बा। पश्चिम बंगाल के राजनीति में एह घटनाक्रम के असर आगे देखे के मिली।
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