सेंट्रल डेस्क। एलएनजी (LNG) लेके भारत आवत कतर के टैंकर जहाज अल-रकियात पs होर्मुज जलडमरूमध्य के लगे कथित ड्रोन हमला भइल बा। ई विशाल जहाज कतर के रास लफ्फान बंदरगाह से गुजरात के दहेज खातिर रवाना भइल रहे। 7 जुलाई के अरब सागर आ ओमान के खाड़ी के मिलन बिंदु के लगे ट्रांजिट के दौरान जहाज पs संदिग्ध ड्रोन से हमला कइल गइल। एह घटना में अभी तक केहू के घायल होखे के खबर नइखे। भारत सरकार के ओर से आधिकारिक बयान अइला के इंतजार बा।
कतर ईरान के विरोध में जतवलस नाराजगी
एह घटना के बाद कतर के बिदेस मंत्रालय बयान जारी कइलस। कतर, ईरान के उप-राजदूत के तलब कs के टैंकर अल-रकियात पs हमला के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज करवलस। कतर कहलस कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरत जहाज के निशाना बनावल निंदनीय बा। एह तरे के हमला अंतरराष्ट्रीय समुद्री आवाजाही (नेविगेशन) सुरक्षा कानून के गंभीर उल्लंघन हs आ एकरा से दुनिया भर के ऊर्जा आपूर्ति पs खतरा पैदा हो सकेला।
ईरान के सउपल गइल विरोध पत्र
बिदेस मंत्रालय के मोताबिक, कतर एह घटना के संबंध में ईरान के आधिकारिक विरोध पत्र सउपले बा।कतर के बिदेस मंत्रालय के प्रोटोकॉल विभाग के निदेशक इब्राहिम बिन यूसुफ ईरान के उप-राजदूत मोहसेन मोहम्मद घनेई के मुख्यालय बुलाके कड़ा विरोध दर्ज करवलें।
विरोध पत्र में ईरान से अपील कइल गइल बा कि ऊ अइसन गतिविधियन पs तुरंत रोक लगावे, जवना से क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन आ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पs खतरा पैदा होखे।
अपना अधिकार के इस्तेमाल कs सकेला कतर
कतर साफ कइले बा कि जदि जरूरत पड़ल तs ऊ अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपना हित आ संपत्ति के सुरक्षा खातिर उचित कदम उठावे के अधिकार के इस्तेमाल करी। संगही ईरान से एह घटना पs तुरंत स्पष्टीकरण मांगल गइल बा। कतर अपील कइले बा कि भविष्य में अइसन घटना दोहरावल ना जाये आ अंतरराष्ट्रीय कानून के पूरा पालन सुनिश्चित कइल जावs।









