NCPI : 2023 में रजिस्ट्रेशन आ खाली 822 वोट, अब पार्टी के लगे 20 सांसद, जानीं एनसीपीआई के इतिहास

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 15, 2026

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसद अतवार के दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कs के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय के ऐलान के बाद एह छोट

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TMC Rebel MPs Merger Gives Party 20 Lok Sabha MPs

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसद अतवार के दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कs के नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय के ऐलान के बाद एह छोट पार्टी अचानक देस के राजनीति में चरचा के केंद्र बन गइल बा।

जवन एनसीपीआई साल 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में खाली 822 वोट हासिल कइले रहे आ जवना के नाम बहुत कम लोग जानत रहे, आज ओही पार्टी के लगे लोकसभा में 20 सांसद हो गइल बा।

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में का बा एनसीपीआई के इतिहास?

चुनाव आयोग के दस्तावेज के मोताबिक, एनसीपीआई के रजिस्ट्रेशन 20 जनवरी 2023 के एगो गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल (RUPP) के रूप में भइल रहे। पार्टी के रजिस्ट्रेशन पश्चिम बंगाल में भइल रहे, बाकिर पहिला बेर चुनावी मैदान में ई त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 में उतरल।

चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, पार्टी के कुल चंदा करीब 1.13 लाख रुपिया रहे। पार्टी के कोषाध्यक्ष शेउली कुंडू बाड़ी। ऊ बिस्वाबाजार प्राइवेट लिमिटेड आ पश्चिम बंग असंगठित महिला कर्मी एसोसिएशन से जुड़ल बाड़ी। दुनो संस्था के पता एनसीपीआई के पता जइसने एक बा। पार्टी के अध्यक्ष उत्तिया कुंडू बाड़ें, जे शेउली कुंडू के पति हवें।

एनसीपीआई नेता शांतनु डे के मोताबिक, पार्टी त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) क्षेत्र के वंचित आदिवासी समाज के आवाज उठावे खातिर विधानसभा चुनाव लड़लस।

पार्टी सात विधानसभा सीट पs उम्मीदवार उतारे के कोसिस कइलस, बाकिर चार सीट पs नामांकन रद्द हो गइल। एह कारण से पार्टी खाली दूगो सीट पs आपन चुनाव चिह्न पs चुनाव लड़ सकल। एगो सीट पs निर्दलीय उम्मेदवार के समर्थन दिहल गइल।

त्रिपुरा चुनाव में मिलल रहे खाली 822 वोट

त्रिपुरा चुनाव में एनसीपीआई के चावमानू सीट से 536 वोट आ कैलाशहर सीट से 286 वोट मिलल। दुनो सीट मिलाके पार्टी के कुल 822 वोट हासिल भइल। ओहिजा, अंबासा सीट से कृष्ण कुमार देबबर्मा निर्दलीय चुनाव लड़लें आ 376 वोट पवलें। पार्टी के कवनो उम्मीदवार जीत के नजदीक ना पहुंच सकल।

पंचायत चुनाव लड़ल चाहत रहे पार्टी

एनसीपीआई नेता शांतनु डे बतवलें कि पार्टी साल 2023 में पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव लड़े के योजना बनवले रहे, बाकिर संसाधन के कमी के कारण ई संभव ना हो सकल।

त्रिपुरा चुनाव के बाद पार्टी में आर्थिक ममिला के लेके मतभेद सुरू हो गइल आ संगठनात्मक गतिविधि लगभग बंद हो गइल। बाद में 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तइयारियाे पs विचार भइल, बाकिर आर्थिक समस्या के कारण आगे ना बढ़ सकल।

टीएमसी बागी सांसदन के संगे बदल गइल पार्टी के इस्थिति

तृणमूल कांग्रेस के करीब दू-तिहाई सांसदन के एनसीपीआई में सामिल होखला के ऐलान के बाद पार्टी के राजनीतिक ताकत अचानक बढ़ गइल बा। बागी सांसद अतवार के लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलल लोग आ सदन में अलग बइठे के बेवस्था करे के मांग कइलें। बैठक के बाद सांसद काकोली घोष दस्तीदार बतवली कि अलग संसदीय समूह के मान्यता खातिर लोकसभा अध्यक्ष के पत्र सउपल गइल बा।

एह राजनीतिक घटनाक्रम के बाद एनसीपीआई, जवन कुछ समय पहिले तक एगो छोट क्षेत्रीय दल रहे, अब देस के राजनीति में एगो महत्वपूर्ण चरचा के विषय बन गइल बा।

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