नई दिल्ली। अमेरिका आ ईरान के बीच समझौता हो गइल बा आ सुक के स्विट्जरलैंड में एह डील पs हस्ताक्षर होखे वाला बा। एह समझौता में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के फेर से खोले आ बेयपार सुरू करे के ऐलान सामिल बा।
होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाज के आवाजाही सामान्य होखे से भारत के बहुते राहत मिली। भारत दुनिया के सबसे बड़ कच्चा तेल आयात करे वाला देसन में से एगो बा। अइसन में तेल सप्लाई के चिंता कम होई, माल ढुलाई के खर्च घट सकी आ महंगाइयो पs दबाव कम होखे के उम्मेद बा।
होर्मुज स्ट्रेट काहे जरूरी बा?
ईरान आ ओमान के बीच मवजूद ई संकरा समुद्री रास्ता दुनिया भर में इस्तेमाल होखे वाला करीब पांचवां हिस्सा तेल के सप्लाई करे ला। खाड़ी के प्रमुख तेल उत्पादक देस जइसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात आ कतर खातिर ई निर्यात के मुख्य रास्ता बा। ई सब देस भारत के ऊर्जा जरूरत पूरा करे वाला महत्वपूर्ण देस हs।
फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव आ संघर्ष के कारण एह रास्ता से कच्चा तेल आ प्राकृतिक गैस के सप्लाई प्रभावित हो गइल रहे। उद्योग से जुड़ल जानकार आ विश्लेषकन के माने के बा कि होर्मुज स्ट्रेट खुले आ तनाव कम होखे से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आई आ भारत जइसन ऊर्जा आयात करे वाला देसन के फायदा होई।
तेल के कीमत में आई गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के ऐलान के बाद अतवार के अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में गिरावट देखे के मिलल। ऊ कहलें कि अमेरिका ईरान के संगे युद्धविराम समझौता कs लेले बा आ होर्मुज स्ट्रेट से जहाज के बिना रोक-टोक आवाजाही हो सकेला।
डोनाल्ड ट्रंप सोशल मीडिया पs लिखलें, “हम होर्मुज स्ट्रेट के बिना कवनो रुकावट के खोले के मंजूरी देत बानी आ अमेरिकी नौसेना के नाकेबंदी हटावे के आदेस देत बानी। दुनिया भर के जहाज आपन इंजन चालू करे आ तेल के प्रवाह सुरू होखे।”
युद्धविराम के खबर के बाद तेल के कीमत में गिरावट आ गइल। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड के भाव करीब 4 फीसदी घट के लगभग 84 डॉलर प्रति बैरल पs आ गइल। संघर्ष के कारण फरवरी में तेल के कीमत 70-72 डॉलर प्रति बैरल से बढ़ के 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गइल रहे।
सरकार मई तक पेट्रोल-डीजल के दाम में ना कइलस बदलाव
तेल के दाम बढ़ला से पेट्रोल आ डीजल बनावे के लागत बढ़ गइल रहे, बाकिर सरकार मई के बीच तक खुदरा कीमत में बदलाव ना कइलस। सरकार 27 मार्च के पेट्रोल आ डीजल पs एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपिया प्रति लीटर के कटौती कइले रहे, ताकि पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यन के विधानसभा चुनाव के समय दाम बढ़ावे के दबाव ना पड़े।
चुनाव बाद बढ़ल पेट्रोल-डीजल आ सीएनजी के दाम
विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल आ डीजल के दाम में करीब 7.50 रुपिया प्रति लीटर के बढ़न्ती भइल। ओहिजा सीएनजी के कीमत 6 रुपिया प्रति किलोग्राम बढ़ा दिहल गइल। एलपीजी सिलेंडर के दाम में दू किस्त में 14.2 किलोग्राम वाला सिलेंडर पs 89 रुपिया के बढ़न्ती भइल।
दाम बढ़ला के बादो सरकारी तेल कंपनियन के रोजाना करीब 650 करोड़ रुपिया के नुकसान हो रहल बा, काहेकि खुदरा कीमत अभियो लागत से कम बा।
उद्योग विशेषज्ञ आ विश्लेषकन के कहनाम बा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के भाव नरम होखे आ होर्मुज स्ट्रेट दोबारा सामान्य होखे से आवे वाला समय में पेट्रोल, डीजल आ सीएनजी के दाम धीरे-धीरे कम होखे के संभावना बा।








