Nag Panchami 2026 : नाग पंचमी 2026 कब बा? जान लीं सुभ मुहूर्त, महत्व आ पूजा विधि

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 20, 2026

Nag Panchami 2026 : हिंदू धर्म में नाग देवता के भगवान के रूप में पूजा कइल जाला। हर साल सावन महीना में नाग पंचमी के पावन परब पूरा देस में श्रद्धा आ भक्ति के साथ

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Nag Panchami 2026 Date Shubh Muhurat Puja Vidhi

Nag Panchami 2026 : हिंदू धर्म में नाग देवता के भगवान के रूप में पूजा कइल जाला। हर साल सावन महीना में नाग पंचमी के पावन परब पूरा देस में श्रद्धा आ भक्ति के साथ मनावल जाला।

हिंदू पंचांग के अनुसार सावन महीना के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि के नाग पंचमी मनावल जाला। एह साल 2026 में नाग पंचमी के परब 17 अगस्त 2026, सोमार के मनावल जाई।

एह दिन लोग भगवान शिव के मंदिर में जाके नाग देवता के दूध अर्पित करेला। कइयन जगह माटी भा चांदी से बनल नाग के प्रतिमा के पूजा कइल जाला आ ओकरा पs दूध, जल आ फूल चढ़ावल जाला।

नाग पंचमी 2026 के तिथि आ शुभ मुहूर्त

  • नाग पंचमी तिथि: 17 अगस्त 2026, सोमार
  • पूजा के शुभ समय: सबेरे 6 बजे से 8 बजके 10 मिनट तक
  • पूजा अवधि: 2 घंटा 10 मिनट
  • पंचमी तिथि सुरू: 16 अगस्त के सांझ 4 बजके 55 मिनट से
  • पंचमी तिथि समाप्त: 17 अगस्त 2026 के सांझ 5 बजे तक

नाग पंचमी के महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी के दिन नाग देवता के पूजा करे से सुख, शांति आ परिवार के कल्याण के आसीरबाद मिलेला। गरुड़ पुराण में बतावल गइल बा कि घर के मुख्य दरवाजा के दुनो ओर नाग के चित्र बनाके पूजा कइल सुभ मानल जाला। एह पूजा के भित्ति चित्र नाग पूजा कहल जाला।

एह दिन महिला लोग ब्राह्मण के लड्डू, खीर जइसन मिठाई के भोजन करावेला। शिव मंदिर में नाग देवता के दूध चढ़ावल सुभ मानल जाला।

नाग पंचमी के कथा

नाग पंचमी के कथा महाभारत काल के राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ से जुड़ल बा। कहल जाला कि राजा परीक्षित के तक्षक नाग के डंसला से मृत्यु हो गइल रहे। पिता के मौत के बदला लेवे खातिर राजा जनमेजय धरती के सब सांपन के खतम करे खातिर एगो विशाल सर्प यज्ञ सुरू कइलें।

यज्ञ के शक्तिशाली मंत्र के प्रभाव से बहुत सारा सांप अग्नि कुंड में गिरे लागल। तब नाग के रक्षा खातिर देवी मनसा के पुत्र ऋषि आस्तिक राजा जनमेजय से यज्ञ रोके के आग्रह कइलें। ऋषि आस्तिक के बात मान के राजा यज्ञ रोक देलें। सावन महीना के पंचमी तिथि के नाग के प्राण बचल रहे, एही कारण से एह दिन के नाग पंचमी के रूप में मनावल जाला।

नाग पंचमी 2026 पूजा मंत्र

सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिता:॥
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:॥

नाग पंचमी पूजा विधि

नाग पंचमी के दिन सबसे पहिले भोर में नहा के साफ कपड़ा पहिने के चाहीं। मान्यता अनुसार उजर भा चांदी रंग के कपड़ा पहिनल सुभ मानल जाला।

  • सबसे पहिले घर के पूजा स्थान के साफ करीं।
  • पूजा स्थल पs नाग देवता के प्रतिमा स्थापित करीं।
  • ई प्रतिमा चांदी, माटी भा पत्थर के हो सकेला।
  • नाग देवता के दूध, जल, फूल आ मिठाई चढ़ाईं।
  • दूध में शहद आ जल मिलाके प्रतिमा पs अर्पित करीं।
  • ध्यान लगाके नाग देवता के मंत्रन के जाप करीं।

धार्मिक मान्यता बा कि नाग पंचमी के दिन श्रद्धा से पूजा करे से भगवान शिव आ नाग देवता के किरपा प्राप्त होला।

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