MRM Portal : साइबर ठगी में डूबल पईसा अब मिली वापस! जानीं गृह मंत्रालय के नया एमआरएम पोर्टल के पूरा तरीका

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नई दिल्ली। देस में साइबर ठगी, ओटीपी फ्रॉड आ डिजिटल अरेस्ट जइसन अपराध तेजी से बढ़त जा रहल बा। एह समस्या से निपटे खातिर केंद्रीय गृह मंत्रालय एगो नया मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) पोर्टल लॉन्च कइले बा। एह पोर्टल के मदद से साइबर फ्रॉड के शिकार लोग अब घर बइठल आपन फंसल पईसा वापस मांगे खातिर ऑनलाइन आवेदन कs सकेला।

गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के ओर से सुरू कइल गइल ई पोर्टल, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के हिस्सा बा। अधिकारियन के मोताबिक, पीड़ित के सबसे पहिले 1930 हेल्पलाइन पs फोन कs के भा NCRP पोर्टल पs शिकायत दर्ज करावे के होई। जदि ठग के बैंक खाता में पईसा फ्रीज हो गइल बा, तबे रिफंड प्रक्रिया सुरू हो सकेला।

MRM पोर्टल से का फायदा मिली?

पहिले साइबर ठगी के शिकार लोग के पुलिस थाना, बैंक आ अलग-अलग सरकारी कार्यालयन के चक्कर लगावे के पड़त रहे। अब MRM पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रिफंड रिक्वेस्ट भेजल जा सकेला। एकरा से समय आ मेहनत दुनो के बचत होई।

रिफंड खातिर जरूरी नियम

अगर फ्रीज रकम 50 हजार रुपिया से कम बा, तs FIR आ कोर्ट ऑर्डर के जरूरत ना पड़ी। पुलिस शिकायत के आधार पs पईसा वापस मिल सकेला।

जदि कुल रकम 50 हजार से जादे बा, बाकिर अलग-अलग बैंक खातन में बंटल बा, तबो आसान प्रक्रिया लागू रही।

बाकिर अगर कवनो एक बैंक खाता में 50 हजार रुपिया से जादे रकम फ्रीज बा, तs FIR दर्ज करावल जरूरी होई। एह इस्थिति में कोर्ट से जरूरी आदेस के बाद बैंक सीधा पीड़ित के खाता में पईसा भेजी।

आवेदन कइसे करीं?

MRM पोर्टल पs लॉगिन कs के शिकायत संख्या, बैंक खाता विवरण, पैन कार्ड आ जरूरी दस्तावेज अपलोड करे के होई। आवेदन जमा होखतही एगो Unique Request ID मिली, जवना से रिफंड के इस्थिति ट्रैक कइल जा सकी।

साइबर अपराध के बढ़त खतरा के बीच MRM पोर्टल पीड़ित लोग खातिर राहत के बड़ जरिया साबित हो सकेला।

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