नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के असर अब दुनिया भर के ऊर्जा बाजार पs साफ दिखाई दे रहल बा। भारत में पेट्रोल, डीजल आ एलपीजी गैस के आपूर्ति प्रभावित भइल बा। एह संकट के असर अब भारतीय रेलवे के खानपान सेवा पर पड़ल बा। हालांकि, रेल यात्रियन के सुविधा बनल रहे, एह खातिर आईआरसीटीसी नया जुगाड़ निकाल लेले बा।
फेर सुरू भइल खाना बनावे के बेवस्था
मिलल जानकारी के मोताबिक, आईआरसीटी देसभर के करीब 1400 ट्रेनन में कैटरिंग सेवा उपलब्ध करावेला। रोजाना लगभग 17 लाख यात्रियन के खाना परोसल जाला। एलपीजी सिलेंडर के आपूर्ति में दिक्कत बढ़ला के बाद भारतीय रेलवे खानपान आ पर्यटन निगम (IRCTC) बिजली से खाना पकावे के बेवस्था तेज कs देले बा।
अब कइयन गाे ट्रेनन के पैंट्री कार में इंडक्शन कुकिंग सिस्टम लगावल जा रहल बा। एकरा चलते ट्रेन में गैस के जगह बिजली से खाना बनावल जा सकेला।
वंदे भारत आ राजधानी ट्रेन में खास बेवस्था
रेलवे के अनुसार, वंदे भारत, राजधानी, शताब्दी आ दुरंतो जइसन प्रीमियम ट्रेनन में इस्तेमाल होखे वाला एलएचबी कोच एह बेवस्था खातिर सबसे उपयुक्त मानल जा रहल बा। आईआरसीटीसी के सीएमडी संजय कुमार जैन बतवलें कि अधिकांश एलएचबी पैंट्री कार में सुरक्षा मानक पहिले से मवजूद बा, एकरा से उहवां बिजली से खाना बनावल जा रहल बा।
स्टेशनन पs इंडक्शन कुकिंग के निरदेस
आईआरसीटीसी रेलवे स्टेशन पs संचालित फूड प्लाजा, रिफ्रेशमेंट रूम आ जन आहार केंद्रन के संचालकन के इंडक्शन कुकर आ माइक्रोवेव इस्तेमाल करे के निरदेस देले बा। एह फैसला के बाद रेलवे के रसोईघर में बनत लगभग 60 प्रतिशत खाना अब बिजली से तइयार हो रहल बा।
रोजाना लागेला 1000 LPG सिलेंडर
आंकड़ा बतावेला कि आईआरसीटीसी हर साल लगभग 58 करोड़ यात्रियन के भोजन सुविधा उपलब्ध करावेला। एतना बड़ नेटवर्क चलावे खातिर रोज करीब 1000 कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के जरूरत पड़ेला। अब बिजली आधारित कुकिंग सिस्टम अपनवला से गैस सिलेंडर पs निर्भरता घट रहल बा आ बहुत बचत हो रहल बा।








