CBSE Language Policy : 7वीं से 9वीं के विद्यार्थी अब पुरान नियम से पढ़ी लोग, ना बदले के पड़ी भाषा

By Anurag Ranjan

Published on: Jun 26, 2026

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के लाखन विद्यार्थियन खातिर राहत के खबर सामने आइल बा। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रन के मोताबिक, वर्तमान में कक्षा 7, 8 आ 9 में पढ़े वाला छात्र-छात्रा, जे

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CBSE 10th Admit Card 2026 Second Board Exam

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के लाखन विद्यार्थियन खातिर राहत के खबर सामने आइल बा। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रन के मोताबिक, वर्तमान में कक्षा 7, 8 आ 9 में पढ़े वाला छात्र-छात्रा, जे तीन-भाषा नीति के तहत दूगो बिदेसी भाषा चुनले बा, ऊ लोग अब कक्षा 10 तक ओही भाषा संयोजन के संगे पढ़ाई जारी रख सकिहें।

एह फैसला के बाद विद्यार्थियन के बीच पैदा भइल भरम दूर हो गइल बा। अब पुरान बैच के छात्रन के बीच में भाषा बदल के नया विकल्प चुने के जरूरत ना पड़ी।

नया भाषा नीति भविष्य के बैच पs होई लागू

शिक्षा मंत्रालय साफ कइले बा कि तीन-भाषा नीति के तहत कम से कम दूगो भारतीय भाषा पढ़े के अनिवार्यता आगे आवे वाला छात्रन पs लागू होई। ई बेवस्था कक्षा 6 से सुरू होखे वाला नया बैच खातिर लागू कइल जाई। वर्तमान में कक्षा 7, 8 आ 9 में पढ़ाई कs रहल छात्रन पs एह नियम के पिछला तारीख से लागू ना कइल जाई।

सरकार कहलस- नीति में बदलाव ना, बस इस्थिति साफ कइल गइल

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी बतवलें कि ई फैसला नीति से पीछे हटे के डेग ना हs। पहिले से मवजूद प्रावधान के अब स्पष्ट रूप से समझावल गइल बा, ताकि छात्र आ अभिभावकन के भरम दूर हो सके।

खाली कुछ हजार छात्र प्रभावित होई लोग

मंत्रालय के अनुसार, हर साल करीब 24 लाख छात्र CBSE के 10वीं बोर्ड परीक्षा में सामिल होला लोग। एमे से लगभग 30 हजार छात्र दूगो बिदेसी भाषा के विकल्प चुनेला लोग।

मतलब अधिकतर छात्र पहिले से तीन-भाषा फॉर्मूला के पालन करत बा लोग। एह राहत के फायदा खासकर महानगर आ शहरी क्षेत्र के ओह छात्रन के मिली, जे पहिले से बिदेसी भाषा चुनले रहे।

मई के सर्कुलर के बाद सुरू भइल रहे विवाद

CBSE मई 2026 में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) के तहत एगो सर्कुलर जारी कइले रहे। एमे कक्षा 9 में प्रवेश लेवे वाला छात्रन खातिर तीन भाषा पढ़े के नियम बतावल गइल रहे, जवना में कम से कम दू गो भारतीय भाषा सामिल करे के बात कहल गइल रहे।

एह फैसला के बाद कइयन गो छात्र आ अभिभावक आपत्ति जतवले रहे लोग। ममिला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गइल रहे।

जल्दी जारी होई आधिकारिक आदेस

शिक्षा मंत्रालय के सूत्रन के मोताबिक, नया स्पष्टीकरण के संगे जल्दिये आधिकारिक आदेस जारी कइल जाई। एकरा से स्कूल, छात्र आ अभिभावक के बीच भाषा नीति के लेके कवनो भरम ना रही।

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