Anil Ambani : अनिल अंबानी के मिलल अंतरिम राहत, काला धन कानून के तहत कार्रवाई पs हाईकोर्ट लगवलस रोक

Share

मुंबई। उद्योगपति अनिल अंबानी के बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ राहत मिलल बा। अदालत फिलहाल काला धन (ब्लैक मनी) अधिनियम के तहत उनकर खिलाफ मुकदमा चलावे आ जुर्माना जइसन दंडात्मक कार्रवाई पs रोक लगा देले बिया। अंबानी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कs के कानून के कुछ प्रावधानन के संवैधानिक वैधता पs सवाल उठवले रहलें, जवना के अदालत सुनवाई खातिर स्वीकार कs लेलस।

न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला आ न्यायमूर्ति फिरदौस पूनीवाला के पीठ मंगर के एह संबंध में आदेस जारी कइलस। अदालत कहलस कि काला धन अधिनियम के खिलाफ आ कइयन गो याचिका लंबित बाड़ी सs, एकरा से ममिला पs विस्तार से सुनवाई जरूरी बा।

हाईकोर्ट साफ कइलस कि अनिल अंबानी के खिलाफ मूल्यांकन आदेस पहिले से जारी बा आ ऊ आयकर आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील दाखिल कs चुकल बाड़ें। अदालत कहलस कि अपील प्रक्रिया जारी रह सकेली, बाकिर याचिका के अंतिम फैसला होखे तक अंबानी के खिलाफ कवनो दंडात्मक कार्रवाई ना कइल जाई। एमे मुकदमा चलावल, जुर्माना लगावल आ आउर कानूनी कार्रवाई सामिल बा।

आयकर विभाग का आरोप लगावत बा?

आयकर विभाग 8 अगस्त 2022 के अनिल अंबानी के नोटिस भेजले रहे। विभाग के आरोप बा कि ऊ 814 करोड़ रुपिया से जादे अघोषित बिदेसी संपत्ति के जानकारी छिपवले रहस आ एकरा से करीब 420 करोड़ रुपिया के कर चोरी भइल।

विभाग के अनुसार ई धनराशि स्विट्जरलैंड के दूगो बैंक खातन में जमा रहे। विभाग काला धन अधिनियम के धारा 50 आ 51 के तहत कार्रवाई के बात कहले बा, जवना में अधिकतम 10 साल तक के जेल आ भारी जुर्माना के प्रावधान बा।

अंबानी के दलील का बा?

अनिल अंबानी के कहनाम बा कि काला धन अधिनियम 2015 में लागू भइल रहे, जबकि विभाग जवन लेन-देन पs सवाल उठा रहल बा, ऊ 2006-07 आ 2010-11 मूल्यांकन वर्ष से जुड़ल बा।

अंबानी के तर्क बा कि कानून के पिछिला तारीख से लागू ना कइल जा सकेला। उनकर दावा बा कि अधिनियम के कुछ प्रावधान संविधान के मूल भावना के खिलाफ बा।

बिदेसी संपत्ति के बा जिकिर

आयकर विभाग के मोताबिक, अनिल अंबानी बहामास में इस्थित डायमंड ट्रस्ट नामक इकाई से जुड़ल रहलें आ ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स में रजिस्टर्ड नॉर्दर्न अटलांटिक ट्रेडिंग अनलिमिटेड (NATU) कंपनी से उनकर संबंध रहे।

विभाग के आरोप बा कि अंबानी अपना आयकर रिटर्न में एह बिदेसी संपत्तियन के खुलासा ना कइलें। कर अधिकारियन के अनुमान अनुसार, अघोषित बिदेसी धन के कुल मूल्य 814.27 करोड़ रुपिया बा, जबकि एह पs देय कर करीब 420.29 करोड़ रुपिया बतावल गइल बा।

फिलहाल हाईकोर्ट के अंतरिम राहत के बाद अनिल अंबानी के खिलाफ कवनो दंडात्मक कार्रवाई ना होई, बाकिर ममिला के अंतिम फैसला अदालत के सुनवाई के बादे सामने आई।

Read Also: Ranchi News : परिमल नाथवानी के चुनाव आयोग से मिलल हरी झंडी, कांग्रेस के आपत्ति खारिज, अब क्रॉस वोटिंग पs टिकल नजर

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
- Sponsored Ads-
 
- Sponsored Ads-