
मानसून के करीब तीन महीना बीत चुकल बा, लेकिन कुछ मौका के छोड़ के बादल धोखा ही दे रहल बानें। उम्मीद बंधला के बाद करिया बादल बिना बरसले चल जा रहल बानें। कहीं बूंदाबांदी हो भी रहल बा, त तनिके दूरी पर जमीन सूखल नजर आ रहल बा।

पूरा मानसून कमोबेश अइसने स्थिति रहल। जून से आठ सितंबर तक गोरखपुर में 1065.8 मिलीमीटर बारिश हो जाए के चाहीं, लेकिन केवल 568.7 मिलीमीटर बारिश भइल बा। जोकि सामान्य से करीब 47 प्रतिशत कम बा।









