जानकारी के अनुसार, 2015 में सत्ता में अइला के बाद दिल्ली सरकार एगो फीडबैक यूनिट (एफबीयू) बनवले रहे जेकर काम हर विभाग पs नजर राखल रहे । सरकार के कहनाम रहे कि एह से उ लोग के मंशा ई बा कि विभागन में के भ्रष्टाचार पs नजर राखल जा सके। हालांकि, बाद में सरकार पs ई आरोप लागल कि एकरा जरिए दिल्ली सरकार विपक्षी दलन के कामकाज पs नजर राखत रहे ।
दिल्ली सरकार के विजिलेंस विभाग के एगो अधिकारी के शिकायत पs सीबीआई प्रारंभिक जांच कईलस। 2016 में एजेंसी के ओर से कहल गईल रहे कि सऊँपल गईल कामन के अलावा, एफबीयू प्रमुख राजनीतिक व्यक्तियन के जासूसी कईले रहे । सीबीआई के मुताबिक, आठ महीनन के दउरान एफबीयू ने 700 से बेसी मामलन के जांच कइले रहे । एह में से 60 प्रतिशत मामलन में राजनीतिक खुफिया जानकारी जुटावल गईल रहे।