Genetic Brain Disorder : लईकन के गंभीर दिमागी बेमारी के इलाज में बीपी के दवा से जगल उम्मीद, 3 साल के रिसर्च में मिलल सकारात्मक नतीजा

Guanabenz Drug Research for Vanishing White Matter Disease

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नई दिल्ली। लईकन में होखे वाला एगो गंभीर आ जानलेवा दिमागी बेमारी के इलाज के लेके मेडिकल साइंस से राहत देवे वाला खबर सामने आइल बा। नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर्स के वैज्ञानिकन के तीन साल तक चलल रिसर्च में पता चलल बा कि ब्लड प्रेशर के इलाज में इस्तेमाल होखे वाली गुआनाबेन्ज (Guanabenz) दवा ‘वैनिशिंग व्हाइट मैटर’ नाम के दुर्लभ जेनेटिक बीमारी के बढ़े के रफ्तार धीमा करे में मदद कs सकेला।

ई रिसर्च प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल द लैंसेट न्यूरोलॉजी में प्रकाशित भइल बा। शोध के नतीजा से एह गंभीर बेमारी से प्रभावित लईकन के परिवारन में इलाज के नया उम्मीद जगल बा।

का हs वैनिशिंग व्हाइट मैटर बेमारी?

वैनिशिंग व्हाइट मैटर एगो दुर्लभ आ गंभीर जेनेटिक दिमागी बेमारी हs, जवन मुख्य रूप से छोट लईकन के प्रभावित करेला। आमतौर पs 1 से 6 साल के उमिर में एकर लच्छन सामने आ सकेला।

एह बेमारी में दिमाग के व्हाइट मैटर धीरे-धीरे खराब होखे लागेला। एकरा चलते लईकन के चले-फिरे, देह के संतुलन बनावे आ रोजमर्रा के काम करे में परेसानी हो सकेला। गंभीर इस्थिति में लईका व्हीलचेयर पs निर्भर हो सकेला।

तीन साल के रिसर्च में का मिलल?

शोधकर्ता लोग तीन साल तक गुआनाबेन्ज दवा लेवे वाला लईकन के निगरानी कइल। एह लईकन के तुलना एगो रजिस्ट्री में सामिल 66 अइसन लईकन से कइल गइल, जेकरा ई दवा ना मिलल रहे।

रिसर्च में दुनो समूह के बेमारी के गंभीरता लगभग समान रहे। नतीजा में दवा लेवे वाला लईकन में व्हीलचेयर पs निर्भरता कम देखल गइल।

सबसे महत्वपूर्ण बात ई रहल बा कि अध्ययन के दौरान गुआनाबेन्ज लेवे वाला समूह में कवनो लईका के मौत ना भइल। ओहिजा, दवा ना लेवे वाला 66 लईकन में से 5 लईकन के मौत भइल।

दवा से मिलल सकारात्मक असर

प्रमुख शोधकर्ता मार्जी वैन डेर नैप के मोताबिक, ई पहिला मवका हs जब शोध से अइसन संकेत मिलल बा कि वैनिशिंग व्हाइट मैटर बेमारी के प्रक्रिया पs असर डालल संभव हो सकेला।

हालांकि, विशेषज्ञन के मोताबिक ई नतीजा उम्मीद जगावे वाला बा, बाकिर गुआनाबेन्ज के पक्का इलाज मानल अभी जल्दबाजी होई।

इलाज के दौरान देखल गइल साइड इफेक्ट

गुआनाबेन्ज दवा लेवे वाला कुछ लईकन में सुरुआती महीना में साइड इफेक्ट देखल गइल। एमे भ्रम, सुस्ती, कब्ज आ ब्लड प्रेशर कम होखल सामिल रहे।

एह कारण से एह दवा के इस्तेमाल लईकन में बिना डॉक्टर के सलाह के ना कइल जासे के चाहीं। विशेषज्ञ डॉक्टर के निगरानी में इलाज के फैसला होखे के चाहीं।

आगे के रिसर्च जरूरी

तीन साल के एह अध्ययन से वैनिशिंग व्हाइट मैटर बेमारी के इलाज के दिशा में उम्मीद जरूर बढ़ल बा। हालांकि, दवा के प्रभावशीलता आ सुरक्षा के पक्का रूप से समझे खातिर आउर बड़ आ विस्तृत अध्ययन जरूरी बा।

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