CJP Protest : अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बइठे के कइलें एलान, दिल्ली पुलिस पs मारपीट के लगवलें आरोप

CJP Protest: Abhijeet Deepke Begins Hunger Strike, Levels Assault Allegations Against Delhi Police

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नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अस्पताल ले गइला के बाद आंदोलन नया मोड़ पs पहुंच गइल बा। अब विरोध प्रदर्शन से जुड़ल अभिजीत दीपके एलान कइले बाड़ें कि ऊ आज से खुद भूख हड़ताल सुरू करिहें। उनकर आरोप बा कि दिल्ली पुलिस उनका संगे मारपीट कइलस आ हिरासत में लेवे के कोसिस कइलस, बाकिर ऊ पुलिस से बचके फेर जंतर-मंतर पहुंच गइलें।

अभिजीत दीपके कहलें- आंदोलन ना रुकी

अभिजीत दीपके कहलें कि जदि प्रशासन ई सोचत बा कि सोनम वांगचुक के अस्पताल भेजला से आंदोलन खतम हो जाई, तs ई गलतफहमी बा। उनका मोताबिक 20 जुलाई के “संसद चलो” अभियान हर हाल में आयोजित होई। ऊ देसभर के लोगन से अपील कइलें कि आपन-आपन राज्य में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करीं।

पीएम मोदी के इस्तीफा के मांग उठवलें

अभिजीत दीपके कहलें कि अब तक आंदोलन में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के मांग होत रहे, बाकिर अब हालात बदल गइल बा। उनकर कहनाम बा कि अब आंदोलनकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफा के मांग करिहें। उनका अनुसार सरकार के कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकार पs हमला हs।

दिल्ली पुलिस पs मारपीट के आरोप

अभिजीत दीपके दावा कइलें कि सनिचर के सबेरे जब ऊ जंतर-मंतर से बाहर गइल रहलें, ओह दौरान पुलिस पहुंच के सोनम वांगचुक के जबरदस्ती उठाके ले गइल। उनकर आरोप बा कि जब ऊ वापस जंतर-मंतर आवत रहलें, तs रास्ता में पुलिस उनका संगे धक्का-मुक्की आ मारपीट कइलस। दीपके कहलें कि ऊ बिदेस से भारत आंदोलन में सामिल होखे खातिर आइल रहलें, बाकिर पुलिस उनका संगे अपराधी जइसन व्यवहार कइलस।

दिल्ली पुलिस का कहलस?

दिल्ली पुलिस एह आरोपन से अलग आपन पक्ष रखले बिया। नई दिल्ली जिला के डीसीपी के मोताबिक दिल्ली हाई कोर्ट के आदेस आ मेडिकल विशेषज्ञन के सलाह के आधार पs सोनम वांगचुक के बिगड़त स्वास्थ्य के देखते अस्पताल में भरती करावल गइल।

पुलिस के कहनाम बा कि पूरा कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीका से कइल गइल आ कानून- बेवस्था के धेयान में रखल गइल। पुलिस जंतर-मंतर पs मवजूद प्रदर्शनकारियन से शांतिपूर्ण ढंग से धरना स्थल खाली करे के अपील कइले बिया।

सोनम वांगचुक के पत्नी के चेतावनी

सोनम वांगचुक के पत्नी गीतांजलि जे आंग्मो कहली कि उनकर अनुमति आ निजी डॉक्टर के सलाह के बिना सोनम वांगचुक के कवनो दवाई ना दिहल जाई। उनकर कहनाम बा कि जदि बिना सहमति इलाज सुरू कइल गइल तs ओकर जिम्मेदारी संबंधित लोगन पs होई। ऊ दावा कइली कि पिछिला दिन सोनम वांगचुक के तबीयत इस्थिर रहे आ अस्पताल ले जाये के जरूरत ना रहे।

20 जुलाई के संसद मार्च पs सब केहू के नजर

अब सीजेपी प्रदर्शन के अगिला चरण 20 जुलाई के प्रस्तावित “संसद चलो” अभियान पs टिकल बा। आंदोलनकारी एह कार्यक्रम के सफल बनावे के तइयारी में जुटल बा लोग, जबकि प्रशासन कानून- बेवस्था बनवले राखे पs जोर देत बा। सोनम वांगचुक के अस्पताल में भरती होखला के बाद ई पूरा ममिला राजनीतिक आ सामाजिक स्तर पs चरचा के विषय बन गइल बा।

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