Birth and Death Registration Rule : जन्म-मौत रजिस्ट्रेशन के नया नियम, 2 साल से जादे देरी भइल तs बढ़ी परेशानी, अब मजिस्ट्रेट के आदेस बिना ना होई रजिस्ट्रेशन

By Shweta Supriya

Published on: Jul 16, 2026

सेंट्रल डेस्क। जदि रउआ जनम भा मौत के रजिस्ट्रेशन समय पs ना कराएम तs आगे चलके बड़ दिक्कत हो सकेला। केंद्र सरकार सिविल रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव के प्रस्ताव लेके आइल बा, जवना में दू

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Birth and Death Registration New Rules 2026

सेंट्रल डेस्क। जदि रउआ जनम भा मौत के रजिस्ट्रेशन समय पs ना कराएम तs आगे चलके बड़ दिक्कत हो सकेला। केंद्र सरकार सिविल रजिस्ट्रेशन कानून में बदलाव के प्रस्ताव लेके आइल बा, जवना में दू साल से जादे देरी से रजिस्ट्रेशन करावे वाला लोगन खातिर नियम आउर सख्त बनावल जा रहल बा।

प्रस्तावित नया नियम के मोताबिक, जदि जनम भा मौत के घटना के जानकारी 2 साल के भीतर संबंधित अधिकारी के ना दिहल गइल, तs ओकर रजिस्ट्रेशन अब फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेस के बादे हो पाई।

अभी तक एह तरे के ममिला में जिलाधिकारी (DM), एसडीएम (SDM) भा एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के मंजूरी से रजिस्ट्रेशन हो जात रहे। नया नियम लागू होखला के बाद एह प्रक्रिया में बदलाव हो जाई।

गृह मंत्रालय कैबिनेट के सामने रखलस प्रस्ताव

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय जनम आ मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम में बदलाव के प्रस्ताव कैबिनेट के सामने पेश कइले बा।

सरकारी सूत्रन के अनुसार, एह बदलाव के मकसद जनम आ मौत के रिकॉर्ड समय पs डिजिटल सिस्टम में दर्ज करावल बा, ताकि सरकारी योजना बनावे, जनसंख्या के सही आंकड़ा जुटावे आ प्रशासनिक कामकाज में आसानी हो सके। एकरा से फर्जी रजिस्ट्रेशनो पs रोक लाग सकेला।

21 दिन के भीतर करावे के बा रजिस्ट्रेशन

मवजूदा नियम के अनुसार, हर जनम आ मौत के जानकारी 21 दिन के भीतर डिजिटल सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) के माध्यम से स्थानीय रजिस्ट्रार लगे दर्ज करावल जरूरी बा। जदि 30 दिन के बाद बाकिर 1 साल के भीतर रजिस्ट्रेशन करावल जाला, तs लिखित अनुमति, निर्धारित फीस आ स्वयं प्रमाणित दस्तावेज जमा करे के पड़ेला।

2 साल तक पुरान बेवस्था रही लागू

अभी के कानून के धारा 13(3) के तहत एक साल से जादे देरी भइला पs डीएम, एसडीएम भा एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के अनुमति से रजिस्ट्रेशन हो सकेला। प्रस्तावित संशोधन में 2 साल तक देरी वाला ममिला में ई बेवस्था जारी रही। 2 साल से जादे देरी होखला पs सीधे फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के आदेस जरूरी हो जाई।

सरकार समय पs रजिस्ट्रेशन करावे के दे रहल बा सलाह

केंद्र सरकार के कहनाम बा कि हर नागरिक के जनम आ मौत के रजिस्ट्रेशन समय पs करावे के चाहीं। एकरा से ना खाली सरकारी रिकॉर्ड सही रही, बलुक भविष्य में आधार, पासपोर्ट, स्कूल एडमिशन, संपत्ति, पेंशन आ बाकी सरकारी सेवा से जुड़ल कामन में कवनो परेसानी ना होई।

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