Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट में हंगामा करे वाला प्रबल प्रताप आ चंद्रभान गिरफ्तार, सीजेआई के खिलाफ अभद्र भाषा बोले के बा आरोप

By Anurag Ranjan

Published on: Jul 15, 2026

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करे के ममिला में लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र प्रबल प्रताप सिंह आ चंद्रभान के गिरफ्तार कइले बिया। आरोप बा कि सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप

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Supreme Court Protest – Prabal Pratap Singh Arrested by Delhi Police

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस सुप्रीम कोर्ट परिसर में हंगामा करे के ममिला में लखनऊ विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्र प्रबल प्रताप सिंह आ चंद्रभान के गिरफ्तार कइले बिया। आरोप बा कि सुनवाई के दौरान प्रबल प्रताप कोर्ट के कार्यवाही में बाधा डललें, कागज फेंकलें आ भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल कइलें। एह ममिला में तिलक मार्ग थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के कइयन गो धारा के तहत मुकदमा दर्ज कइल गइल बा।

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भइल हंगामा

दिल्ली पुलिस के अनुसार, ई घटना 10 जुलाई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर-13 में सुनवाई के दौरान भइल। प्रबल प्रताप सिंह अपना केस के पैरवी खुद करत रहलें। आरोप बा कि सुनवाई के बीच ऊ कोर्ट के कार्यवाही बाधित कइलें, जोर-जोर से बोललें, अभद्र भाषा के इस्तेमाल कइलें आ कोर्ट रूम में कागज फेंक के माहौल बिगाड़ देलें।

सुरक्षाकर्मियन से धक्का-मुक्की के आरोप

पुलिस के मोताबिक, जब सुरक्षाकर्मी अदालत के गरिमा बनवले राखे खातिर प्रबल प्रताप के रोकल चाहल लोग, तs ऊ कथित तौर पs सुरक्षाकर्मी के धक्का देलें आ सरकारी काम में बाधा पहुंचवलें। एह शिकायत के आधार पs प्रबल प्रताप सिंह (24 साल) आ चंद्रभान (23 साल) के खिलाफ ममिला दर्ज कs के गिरफ्तार कइल गइल बा। दुनो लखनऊ विश्वविद्यालय में एलएलबी के छात्र बतावल जा रहल बाड़ें।

का बा पूरा ममिला?

प्रबल प्रताप सिंह इलाहाबाद हाईकोर्ट के एगो आदेस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कइले रहलें। एह ममिला पs जस्टिस केवी विश्वनाथन आ जस्टिस आलोक अराधे के पीठ सुनवाई करत रहे। सुनवाई सुरू होखतही प्रबल प्रताप जज लोग पs ऊंच आवाज में बोलल सुरू कइलें आ ओह लोग के “जुडिशियल सर्वेंट” कहे लगलें। एतने ना, ऊ खुद के “संप्रभु” बतावत बेंच के आदेस देवे के कोसिसो कइलें।

सीजेआई सूर्यकांत के बयान

घटना पs प्रतिक्रिया देत भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत कहलें कि कइयन बेर जुवा जोश में अइसन घटना हो जाला, बाकिर सब नागरिकन के ऊपर संवैधानिक संस्थान के गरिमा आ सम्मान बना के रखे के जिम्मेदारी बा। उनकर कहनाम रहे कि न्यायपालिका के सम्मान लोकतंत्र के मजबूती खातिर बहुते जरूरी बा।

जांच जारी

दिल्ली पुलिस एह ममिला के गंभीरता से जांच करत बिया। पुलिस के कहनाम बा कि अदालत के गरिमा भंग करे, सरकारी काम में बाधा डाले आ सुरक्षाकर्मी से अभद्र बेवहार करे के आरोप में कानूनी कार्रवाई जारी बा। अब कोर्ट में पेशी के बाद आगे के न्यायिक प्रक्रिया पूरा कइल जाई।

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