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NEW DELHI : 2 दशक के इंतजार के बाद आजू पूरा तरह ऑपरेशनल होंईं डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडर

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के मंजूरी मिलले के लगभग 20 साल बाद पूर्वी, उत्तरी आ पश्चिमी इलाकन के जोड़े वाला भारत के फ्रेट रेल नेटवर्क मंगलवार के पूरी तरह चालू हो जाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आजू वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के बचल तीन सेक्शन कऽ उद्घाटन करीहेऽ।

पश्चिमी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट के उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ेलाऽ। दादरी में पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से मिलेलाऽ , जेकेरे बाद देश के मुख्य माल ढुलाई रेल नेटवर्क पूरा हो जाई।

2,843 किलोमीटर लमहर नेटवर्क भइल शुरू

पूर्वी हिस्सा में, पश्चिम बंगाल के सोननगर से पंजाब के लुधियाना तक डीएफसी पहिले ही पूरी तरह से काम करत रहैऽ। हालांकि शुरुआते में EDFC की योजना पश्चिम बंगाल के दानकुनी से रहै, लेकिन दानकुनी से सोननगर तक के 538 किलोमीटर के हिस्सा के DFC परियोजना से हटा दिहल गइल रहै आ अब रेलवे ए हिस्सा प मल्टी-ट्रैकिंग क काम करत बीया।

आज के उद्घाटन के बाद 2,843 किलोमीटर लंमहर WDFC आ EDFC नेटवर्क पूरी तरह से चालू हो जाई ।प्रधानमंत्री कार्यालय के एगो बयान के अनुसार, पीएम मोदी जोन तीन हिस्सा के राष्ट्र के समर्पित कईले हवे। न्यू सानंद-न्यू मकरपुरा, न्यू अंबरगांव-न्यू सफाले, आ न्यू सफाले-न्यू JNPT 326 किलोमीटर लमहर बा आ एके 20,700 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बनावल गइल बा।

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से सीधा संपर्क

PMO के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट से सीधा संपर्क स्थापित होखले से आयात-निर्यात माल के आवाजाही तेज होई। एसे औद्योगिक केंद्रन आ बंदरगाहन के बीच संपर्क मजबूत होई, लॉजिस्टिक्स क लागत कम होई, आ मुंबई के रेलवे नेटवर्क प भीड़भाड़ कम कइले में मदद मिल जाई|

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव कहले कि 2014 से पहिले ए परियोजना प कोनो फिजिकल काम पूरा नाहीं भइल रहै। NDA सरकार लंमहर समय से लंबित चुनौतियन क समाधान कइके आ विभिन्न खंडन के मुद्दा के हल कइके ए परियोजना के आगे बढ़ावल हऽ।

5.2 लाख ट्रेन पूरा कइ चुकल बा आपन यात्रा

रेलवे के अनुसार, अगस्त महीना तक पहिले से चालू DFC हिस्सा प लगभग 5.2 लाख मालगाड़ियन यात्रा कीहल ह, जोन औसतन 435 ट्रेन प्रतिदिन ह। ए समर्पित माल ढुलाई नेटवर्क अब तक लगभग 658 बिलियन ग्रॉस टन किलोमीटर आ 360 बिलियन नेट टन किलोमीटर के संचालन कइले बा|

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