National Sports Governance Act : BCCI आ राज्य क्रिकेट संघ एकर दायरा से बाहर काहे? सुप्रीम कोर्ट पूछलस सवाल

By Anurag Ranjan

Published on: Sep 9, 2026

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आ सब राज्य क्रिकेट संघन से पूछले बा कि ओकनी के राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के दायरा में काहे ना ले आवल जावs। अदालत बीसीसीआई

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) आ सब राज्य क्रिकेट संघन से पूछले बा कि ओकनी के राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम, 2025 के दायरा में काहे ना ले आवल जावs। अदालत बीसीसीआई आ राज्य क्रिकेट संघन के पदाधिकारियन के कार्यकाल आ सेवा के शर्तन के एह कानून के तहत ले आवे के मुद्दा पs जवाब मंगले बा।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ मंगर के बीसीसीआई से जुड़ल ममिला के सुनवाई के दौरान ई सवाल उठवलस। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची आ न्यायमूर्ति वी मोहना सामिल बा लो।

ई ममिला 2014 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित बा। समय-समय पs एकरा से जुड़ल अलग-अलग आवेदन अदालत के सामने आवत रहल बा।

बीसीसीआई आ राज्य संघन से जवाब मांगल गइल

सुप्रीम कोर्ट बीसीसीआई आ राज्य क्रिकेट संघन के ओर से पेश वकीलन से निरदेस लेके ई बतावे के कहलस कि पदाधिकारियन के कार्यकाल आ सेवा के शर्त 2025 में लागू भइल राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के तहत काहे ना होखे के चाहीं। अदालत के एह सवाल के बाद ई मुद्दा महत्वपूर्ण हो गइल बा कि देस में क्रिकेट के संचालन करे वाली संस्था बीसीसीआई आ ओकर राज्य संघन पs नया खेल शासन कानून के प्रावधान कइसे लागू होई।

2014 से चल रहल बा ममिला

सुप्रीम कोर्ट में बीसीसीआई के कामकाज आ ओकरा में सुधार से जुड़ल याचिका साल 2014 से चल रहल बा। एह ममिला में अदालत क्रिकेट प्रशासन में सुधार खातिर कइयन गो महत्वपूर्ण डेग उठा चुकल बा।

सुप्रीम कोर्ट पहिले पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा के अध्यक्षता में एगो समिति बनवले रहे। समिति के बीसीसीआई में सुधार के उपाय सुझावे आ क्रिकेट बोर्ड खातिर नया संविधान के प्रारूप तइयार करे के जिम्मेदारी दिहल गइल रहे।

बाद में सुप्रीम कोर्ट लोढ़ा समिति के सिफारिशन के स्वीकार करत बीसीसीआई के संरचना, संगठन आ कामकाज में सुधार खातिर कइयन गो प्रावधान लागू कइलस।

पदाधिकारियन के कार्यकाल पs नियम

बीसीसीआई के पदाधिकारियन के कार्यकाल के संबंध में सुप्रीम कोर्ट सितंबर 2022 में अपना पहिले के आदेस में बदलाव के अनुमति देले रहे।

एकरा तहत कवनो पदाधिकारी के राज्य क्रिकेट संघ आ बीसीसीआई में लगातार कुल 12 साल तक पद पs रहे के अनुमति मिलल रहे। एह बेवस्था के तहत पदाधिकारी राज्य क्रिकेट संघ में छव साल आ बीसीसीआई में छव साल तक लगातार काम कs सकेला। एकरा बाद तीन साल के कूलिंग-ऑफ पीरियड माने पद से बाहर रहे के अवधि लागू होला।

अदालत इहो कहलस कि कवनो पदाधिकारी बीसीसीआई आ राज्य क्रिकेट संघ, दुनो स्तर पs कवनो खास पद पs लगातार दू कार्यकाल पूरा कs सकेला। एकरा बाद ओकरा के तीन साल के कूलिंग-ऑफ पीरियड पूरा करे के होई।

पहिले का रहे नियम?

बीसीसीआई के ओह संविधान में, जवना के सुप्रीम कोर्ट पहिले मंजूरी देले रहे, लगातार दू गो तीन-तीन साल के कार्यकाल पूरा करे वाला पदाधिकारी खातिर तीन साल के अनिवार्य कूलिंग-ऑफ पीरियड के प्रावधान रहे।

अब सुप्रीम कोर्ट के सामने ई सवाल बा कि साल 2025 में लागू राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम के प्रावधान बीसीसीआई आ राज्य क्रिकेट संघन पs कवना हद तक लागू होई। अदालत संबंधित पक्षन से एह मुद्दा पs साफ जवाब मंगले बा।

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