[the_ad_group id="30365"]

मांझी बोलले- हम राम के नाइ मानेनी, ऊ भगवान नाइ हवें

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक बेर फिर भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठवले बाने। जमुई में गुरुवार के अंबेडकर जयंती के एगो कार्यक्रम में ऊ कहने कि राम भगवान थोडिये रहने, ऊ त तुलसीदास अउर वाल्मीकि रामायण के पात्र रहने। रामायण में बहुत निम्मन-निम्मन बात लिखल बा, एलिए हम ओके मानत बानी, लेकिन राम के नाइ जानतनी।

अनुसूचित जाति के लोग के पूजा नाइ करे के चाहीं

मांझी इहवें नाइ रुकने। ऊ आगे कहने कि पूजा-पाठ कइले से केहू बड़ नाइ हो जाला। अनुसूचित जाति के लोग के पूजा-पाठ कइल बंद कs देवे के चाहीं। जौन ब्राह्मण मांस खात बाने अउर शराब पीयत बाने, झूठ बोलत बाने, उनसे दूर रहे के चाहीं। उनसे पूजा-पाठ नाइ करावे के चाहीं। शबरी के जूठहा बेर के राम खइले रहने, आज हमनीके इहां केहू खाना खा के देखावे। सवर्ण अउर उच्च जाति के लोग भारत के मूल निवासी नाइ बाने, ऊ बाहरी बाने।

राम पर अक्सर विवादित बयान देत रहेने मांझी

हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) सुप्रीमो मांझी के भगवान राम, हिन्दू धर्म अउर ब्राह्मणन पर देहल बयान के मामला नया नाइ बा। ऊ पहिलहूँ कई बेर ई बात क चुकल बाने। बीतल साल दिसंबर महीने में उनकर अइसने एगो बयान के बाद बड़ा हंगामा भइल रहल। बाद में ऊ पटना में ब्राह्मण भोज के कार्यक्रम रखले रहने। शर्त रहल कि उहे ब्राह्मण खइहें, जे कब्बो कौनो ‘पाप’ न कइले होखे। मांझी के एह बयान के NDA गठबंधन में सहजता से नाइ लिहल गइल रहल। भाजपा समेत घटक दल इशारा में ही ओनके नसीहत देहले रहने।

 

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]