अंतिम संस्कार खातिर ना मिली आतंकी के शव: परिवार के याचिका खारिज; SC कहलस, भावना के सम्मान, बाकिर ई कानूनन सही नइखे

By Anurag Ranjan

Published on: Sep 12, 2022

जम्मू-कश्मीर के हैदरपोरा में 15 नवंबर 2021 के सुरक्षाबलन के संगे एनकाउंटर में मारल गइल आतंकी आमिर माग्रे के शव कब्र से बाहर निकाले के मांग सुप्रीम कोर्ट ठुकरा देले बा। आमिर के पिता लतीफ

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जम्मू-कश्मीर के हैदरपोरा में 15 नवंबर 2021 के सुरक्षाबलन के संगे एनकाउंटर में मारल गइल आतंकी आमिर माग्रे के शव कब्र से बाहर निकाले के मांग सुप्रीम कोर्ट ठुकरा देले बा। आमिर के पिता लतीफ याचिका दाखिल क के मांग कइले रहस कि अंतिम संस्कार खातिर उनका बेटा के शव के निकाले के मंजूरी दिहल जाव।

सोमार के जस्टिस सूर्यकांत आ जस्टिस बीएस पारदीवाला के बेंच कहलस कि एह बात के कवनो सबूत नइखे कि आमिर के शव के प्रशासन सही तरीका से अंतिम संस्कार ना कइलस। शव निकाले के आदेश तब तक नइखे दिहल जा सकत, जब तक ई ना लउके कि एकरा से न्याय के हित हो रहल बा।

कोर्ट भावना से ना, कानून से चलेला

बेंच कहलस- आमिर के बाबूजी के भावना के हमनी के सम्मान करत बानी स, बाकिर कोर्ट कानून के अनुसार काम करेला। हालांकि बेंच आमिर के पिता लतीफ के ओकर कब्र प प्रार्थना करे के अनुमति दे देलस।

15 नवंबर 2021 के मुठभेड़ में मारल गइल रहे आमिर

हैदरपोरा में 15 नवंबर 2021 के सुरक्षाबलन के साथे मुठभेड़ के दौरान आमिर आ ओकर 3 साथी मारल गइल रहले। पुलिस चारों के श्रीनगर से 70 किलोमीटर दूर हंदवाड़ा में दफना देले रहे। एनकाउंटर के बाद आमिर के परिवार हाईकोर्ट के रुख कइले रहे।

 

सिंगल बेंच के फसीला के डबल बेंच पलटलस

इस ममिला में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के सिंगल बेंच मई 2022 में आमिर के शव निकाले के अनुमति देले रहे, बाकिर प्रशासन तुरंत डबल बेंच में अपील कs देलस। एह प  हाईकोर्ट के डबल बेंच सिंगल बेंच के फसीला के पलट देलस आ कहलस कि शव के बाहर नइखे निकालल जा सकता। एकरा बाद आमिर के परिवार सुप्रीम कोर्ट में अपील कइले रहे।

साभार: भास्कर

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