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दूल्हा के गटई के फंसरी बन सकsता नोट के माला, किनले से पहिले जान लेईं नियम

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शादी सीजन शुरू होइतही बाजार के रौनक बढ़ जाला। जहां एक ओर वर -वधू खातिर फूलन के माला बिक रहल बा त उहवें बाजार में बड़ संख्या में नोट के माला भी बिकल शुरू हो गइल बा। 10 रुपया से ले के 500 रुपया तक के नोट के माला अलग-अलग डिजाइन में दूल्हा खातिर मौजूद बा। आमतौर पर दूल्हा के नोट के माला पहिनावेने लेकिन ई उनके गटई के फंसरी बन सकsता।

दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियन के कहनाम बा कि नोट के माला आरबीआई के नियम के खिलाफ बा। नोट के प्रयोग खाली लेनदेन खातिर कइल जाए के चाहीं। एकरे बावजूद इनकर इस्तेमाल खूब कइल जा रहल बा। उहवें,दूसरे ओर शादियन के सीजन अइतही नोट के माला के बाजार सज चुकल बा।

दुकानदारन के कहनाम बा कि नोट के माला के खूब क्रेज बा, हमनी के लग्गे अलग-अलग कैटगरी के माला मौजूद बानें। जइसे लोग ऑर्डर देनें, ओइसहीं माला उनके बना के दे देने। उहवें, नोट के माला खरीदे आइल लोग बतावल कि समाज में एगो परंपरा बन गइल बा। जेमें दूल्हा के नोट के माला पहिनावल जा रहल बा।

एके ले के सेंट्रल बैंक के एलडीएम के कहनाम बा कि नोट के माला रिजर्व बैंक के तरफ से ऑथराइज्ड नइखे, ई गैरकानूनी ह। नोट के यूज मॉर्केट में सर्कुलेशन अउर लेनदेन खातिर कइल जाए के चाहीं। एके होल्ड कइल नाजायज ह। लेकिन लोग के एसे भावना जुड़ल होला। एहलिए ऊ अइसन करेने।

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