नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के ओर से राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पs जारी प्रदर्शन अब नया मोड़ पs पहुंच गइल बा। सरकार के दावा बा कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियन के बातचीत जारी रखे के प्रस्ताव दिहल गइल रहे, बाकिर संगठन के नेतृत्व एह प्रस्ताव के अस्वीकार कs देलस। समाचार एजेंसी एएनआई के मोताबिक, सरकारी सूत्रन के हवाला से ई जानकारी सामने आइल बा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पs हजारन जुवा कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले जुटल बा लोग। आंदोलनकारी भारत के शिक्षा बेवस्था में बदलाव के मांग करत बा लो आ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा के मांग उठा रहल बा लो।
प्रदर्शनकारियन के कहनाम बा कि शिक्षा बेवस्था में व्यापक सुधार के जरूरत बा। एह मुद्दा पs धरम, जाति, राजनीतिक दल आ विचारधारा से ऊपर उठके अलग-अलग वर्ग के लोग आंदोलन के समर्थन करत नजर आ रहल बा।
सरकार के दावा- बातचीत के मवका दिहल गइल
सरकारी सूत्रन के मोताबिक, केंद्र सरकार आंदोलनकारी लोगन से बातचीत के रास्ता खुलल रखे के चाहत रहे। एह खातिर सीजेपी नेतृत्व के बातचीत के प्रस्ताव भेजल गइल, बाकिर संगठन एह प्रस्ताव के स्वीकार ना कइलस। सरकार के माने के बा कि बातचीत से समाधान निकल सकेला, जबकि प्रदर्शनकारी अपना मांग पs अडिग बा लो।
सोनम वांगचुक के बयान से बदलत दिखल माहौल
एह आंदोलन के समर्थन में आवाज उठा रहल लद्दाख के शिक्षाविद आ पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, जे करीब 25 दिन से अनशन पs बाड़ें, सोशल मीडिया पs एगो अहम बयान देलें। ऊ कहलें कि जदि आंदोलन में सामिल नवहन पs दर्ज मुकदमा वापस ले लिहल जाई, तs ऊ प्रदर्शनकारी लोगन से अपील करिहें कि फिलहाल आंदोलन स्थगित कs के सरकार से बातचीत सुरू कइल जावs।
सोनम वांगचुक के एह बयान के बाद राजनीतिक गलियारन में ई चरचा तेज हो गइल बा कि आंदोलन के समाधान बातचीत से निकल सकेला।
अब केंद्र सरकार के साेझा का विकल्प बा?
बातचीत के प्रस्ताव ठुकरावल गइला के बाद अब केंद्र सरकार के सामने कइयन गो विकल्प बा। सरकार फेर से बातचीत के कोसिस कs सकेले, आंदोलनकारी लोगन के भरोसा में ले सकेलें भा कानूनी प्रक्रिया के आधार पs अगिला डेग उठा सकेलें। हालांकि, राजनीतिक जानकारन के माने के बा कि शांतिपूर्ण बातचीत से समाधान निकाले के संभावना अभियो बनल बा।









