[the_ad_group id="30365"]

छपरा के एयर क्वालिटी खराब श्रेणी में पहुंचल, AQI पहुंचा 260 पार भइल ; फेस मास्क लगा के बहरी निकले के सलाह

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

ठंड कुहासा आ धुंध के बीच छपरा के एयर क्वालिटी खतरनाक हो चलल बा। ठंड के मौसम में अतवार के धूंध के संगे सबेरे के सुरुआत भइल बा। चारो तरफ आसमान में कुहासा लउकत रहे। शहरी क्षेत्र में एकर आउर प्रभाव देखे के मिलल बा।

धुंध आ कुहासा के चलते विजिबिलिटी घट के पांच मीटर के आसपास हो गइल। हालांकि, बढ़त दिन के संगे कुहासा कम भइल आ तेज घाम निकल गइल। प्रदूषण के स्तर जस के तस बनल बा। शहरी क्षेत्र में निर्माण कार्य आ वाहनन के संचालन से हवा बहुत जादे प्रदूषित हो गइल बा। अतवार के छपरा के एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़के 260 के पार चल गइल बा। ई बहुते खतरनाक मानल जाला।

एयर क्वालिटी इंडेक्स के बारे में जानकारी देत पर्यावरण जानकार आशुतोष बतवलें कि एयर क्वालिटी इंडेक्स के 260 होखल छपरा जइसन छोट शहरन खातिर चिंतनीय बा। मानव जनित प्रदूषण के संगे क्लाइमेट परिवर्तन एकर मुख्य कारण बा। तापमान में बदलाव आ बढ़त कुहासा के बीच वाहनन से निकलल धुआं वायुमंडल के निचला स्तर के जादे प्रभावित कs रहल बा। धूरा माटी के छोट कण वायुमंडल के मुख्य रूप से प्रभावित कs रहल बा जवना से आंख आ सांस संबंधित परेसानी जादे होला।

प्रसिद्ध चिकित्सक सुजीत कुमार बतवलें कि 260 एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब मानल जाला। श्वास रोगी, बुजुर्ग आ लईकन खातिर ई सबसे घातक साबित होला। एह हालत में लोगन के फेस मास्क लगाके रहे के चाहीं, जवना से कुछ हद तक बचाव होखे के चाहीं। आवे वाला समय मे एलर्जी के समस्या बनल रही। अस्थमा आ निमोनिया पेशेंट के जादे केयर करे के जरूरत रहेला। लईकन में निमोनिया आ आंख में जलन के जादे समस्या उत्पन्न होला। एह इस्थिति में परेसानी में तुरंत अपना नजदीकी चिकित्सक से संपर्क करे के चाहीं।

साभार : दैनिक भास्कर

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]