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नया साल के पहिला हप्ता में सुरू हो जाई अमूल प्लांट के उत्पादन, बनारस के लौंगलता आ लाल पेड़ा भी होई लांच

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करखियांव एग्रो पार्क में अमूल प्लांट जमीन पs मूर्तरूप लेबे शुरू हो गइल बा। जनवरी के पहिला सप्ताह से प्लांट से उत्पादन शुरू करे के तैयारी जारी बा। एकरा बाद जबो प्रधानमंत्री काशी पहुंचिहें तs एकर भव्य उद्घाटन होई।

साइलो के संगे प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, चिलिंग, ब्यावलर समेत लगभग शत-प्रतिशत मशीन लगावल गईल बा। पहिला चरण में प्लांट से पांच लाख पैक दूध के उत्पादन के लक्ष्य बा।

एक महीना में तीन लाख किलो मिठाई के उत्पादन होई

दूध, दही, छाछ आ मिठाई बाजार में ले आवे के तइयारी हो रहल बा। एक महीना में करीब तीन लाख किलो मिठाई के उत्पादन होई। एहमें काजू कतली, पेड़ा, रसगुल्ला, लड्डू समेत कईगो मिठाई शामिल रही।

18 दिसंबर के बरकी में भईल जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19157 करोड़ रुपिया के परियोजना के उद्घाटन अवुरी शिलान्यास करत बनास डेरी के नाम लेले रहले। इहो कहल गइल कि बनास डेरी के अध्यक्ष शंकर भाई चौधरी के प्रयास से अमूल प्लांट लगभग तइयार हो गइल बा। अगिला महीना ले शुरू हो जाई।

राज्य के सबसे बड़ दूध संयंत्र

करखियांव एग्रो पार्क में करीब तीस एकड़ क्षेत्र में 500 करोड़ रुपया के लागत से बनल अमूल संयंत्र के राज्य के सबसे बड़ दूध संयंत्र बतावल जाता। एकरा लॉन्च के बाद राज्य में गोरा क्रांति आवे के बात तय मानल जाता। अगर पूर्वांचल के दूध उत्पादक के आमदनी बढ़ी त लाखों लोग के रोजगार मिली। लोग एक बेर फेरु से बड़ पैमाना पर खेती आ पशुपालन में लवट अइहें. नवहियन के बड़हन पैमाना पर प्रत्यक्ष आ अप्रत्यक्ष रोजगार मिल जाई।

नव जिला में दूध संग्रहण केन्द्र खुली

गाजीपुर, चंदौली, शाहगंज, मीरजापुर समेत नौ जिला में दूध संग्रह केंद्र के स्थापना लगभग फाइनल हो चुकल बा। एकरा अलावे अवुरी संग्रह केंद्र बनावे के दिशा में काम कईल जाता।

चरणबद्ध निर्माण के साथ रोजगार के सृजन

प्लांट निर्माण के पहिला चरण में पांच लाख लीटर पैकेट दूध के उत्पादन के लक्ष्य बा। एह दौरान डेढ़ लाख लोग के रोजगार के अवसर मिली। संयंत्र के विस्तार के बाद रोजाना 10 लाख लीटर पैकेज्ड दूध के उत्पादन से तीन लाख लोग के रोजगार के अवसर मिली। वाराणसी आ बगल के जिलन में गाँव गाँव संग्रह केन्द्र खोलल जाई।

जानवरन के नस्ल सुधार में आवे लागल क्रांति 

अमूल शहंशाहपुर में पशु के नस्ल सुधार के केंद्र खोलले बा। बनास डेरी के माध्यम से भ्रूण प्रत्यारोपण टेक्नोलाजी के माध्यम से गिर अवुरी साहिवाल गाय के संवर्धन कईल जाता।

बनारस के लौंगलता आ लाल पेड़ा के भी लॉन्च कईल जाई

पीएम के सोच के मुताबिक अमूल स्थानीय बनारसी मिठाई लौंगलता अवुरी लाल पेड़ा भी बनाई। ताकि अमूल प्लांट से बनारस के इs देसी मिठाई देश के हर कोना में पहुंच सके अवुरी बनारस के ब्रांड मजबूत बनल रहे।

 

 

 

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