लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल के तइयारी तेज हो गइल बा। 2027 विधानसभा चुनाव के नजर में राखत पार्टी नया क्षेत्रीय टीम बनावे के खाका तइयार कs लेले बिया। हालांकि, संगठन में संभावित विरोध के आशंका के चलते नया टीम के एलान अभी तक टलल बा।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आ राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष चार आ पांच जुलाई के लखनऊ दौरा के दौरान संगठन के काम 10 जुलाई तक पूरा करे के निरदेस देले रहे लो। बाकिर डेढ़ महीना से जादे समय बीतला के बादो नया टीम के अंतिम घोषणा नइखे हो सकल।
नई दिल्ली से लखनऊ तक कइयन दौर के मंथन
नया टीम में सामिल होखे वाला पदाधिकारियन के नाम पs नई दिल्ली से लखनऊ तक कइयन दौर के चरचा हो चुकल बा। पार्टी के भीतर एगो खेमा के माने के बा कि क्षेत्रीय टीम के सूची 26 अगस्त के बाद जारी हो सकेला। ओहिजा, विरोध से बचे खातिर पार्टी अइसन समय पs सूची जारी कइला पs विचार कs रहल बिया, जब कार्यकर्ता कवनो अभियान में बाझल होखस।
70 फीसदी से जादे चेहरा बदलल जाई
भाजपा के प्रदेश में छव गो क्षेत्रीय टीम बा। ई टीम आखिरी बेर 2019 में बनल रहे आ इहे टीम 2022 विधानसभा आ 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी खातिर काम कइले रहे। अब 2027 विधानसभा आ 2029 लोकसभा चुनाव के तइयारी के बीच क्षेत्रीय टीम में 70 फीसदी से जादे चेहरा बदलला के चरचा बा। सब क्षेत्रीय अध्यक्ष बदलला के बाद संगठन में नया चेहरन के संख्या बढ़े के संभावना बा।
मूल कैडर के कार्यकर्ता के अनदेखी पs नाराजगी
हाले में नई दिल्ली में राष्ट्रीय आ प्रदेश संगठन के पदाधिकारियन के संगे मोर्चा के पदाधिकारियन के बोलावल गइल रहे। बैठक में संगठन के कइयन गो पहलुअन पs चरचा भइल।
एह दौरान ई बात सामने आइल कि जनप्रतिनिधियन के दबाव आ मूल कैडर के कार्यकर्ता के अनदेखी कs के करीबी लोगन के आगे बढ़ावे के कोसिस से पार्टी के भीतर नाराजगी बढ़ल बा। पिछिला कुछ दिन में कइयन गो जिला में विरोध के आवाजो उठल बा।
चुनावी जिम्मेदारी नया टीम के कान्ह पs बा
2027 विधानसभा चुनाव अब बहुत दूर नइखे। क्षेत्रीय अध्यक्ष आ क्षेत्रीय प्रभारी नया बा लो। अइसन में चुनावी तइयारी के बड़ जिम्मेदारी प्रदेश संगठन के नया टीम पs होई। क्षेत्रीय टीम में अध्यक्ष के अलावे तीन महामंत्री, आठ उपाध्यक्ष आ आठ मंत्री बनावल जाला। मीडिया प्रभारी आ सदस्य सहित 35 से जादे पदाधिकारियन वाला टीम तइयार होखे के संभावना बा।
जातीय समीकरण पs खास जोर
भाजपा के छव गो मोरचा- अनुसूचित जाति, ओबीसी, किसान, युवा, महिला आ अनुसूचित जनजाति के प्रदेश, क्षेत्रीय आ जिला स्तर पs नया टीम बनावल जाई।
चुनावी साल होखला के चलते जादे से जादे चेहरन के संगठन में जगह देवे खातिर टीम के आकार बढ़ावे पs विचार हो रहल बा। एह दौरान पार्टी के जातीय समीकरण के खास धेयान रखे के होई।









