सेंट्रल डेस्क। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला गुट के सुक के ‘ममता अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस’ नाम मिलल। ओहिजा, अरूप रॉय के नेतृत्व वाला विरोधी गुट के ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिहल गइल। दुनो गुट के अलग-अलग चुनाव चिह्न आवंटित कइल गइल बा। ममता गुट के चुनाव चिह्न ‘फुटबॉल खिलाड़ी’, जबकि अरूप रॉय गुट के ‘लिफाफा’ दिहल गइल बा।
निर्वाचन आयोग के ई फैसला पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आ रेजीनगर विधानसभा सीट पs छव अक्टूबर के होखे वाला उपचुनाव से पहिले आइल बा। वोट के गिनती नव अक्टूबर के होई।
काहे पड़ल नया नाम आ चुनाव चिह्न के जरूरत?
निर्वाचन आयोग बियफे के रात एगो अंतरिम आदेस जारी कइले रहे। एमे दुनो गुट के आगामी उपचुनाव में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) के मूल नाम आ ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल करे पs रोक लगा दिहल गइल रहे।
आयोग दुनो गुट से कहलस कि ऊ लोग अंतरिम रूप से तीन-तीन नाम आ मुफ्त चुनाव चिह्न के सूची में से तीन-तीन विकल्प बतावे। आयोग के मोताबिक, दुनो गुट के मूल पार्टी से मिलत-जुलत नाम रखे के अनुमति बा, बाकिर चुनाव चिह्न उपलब्ध सूची में से होखे के चाहीं।
ममता गुट चुनाव चिह्न खातिर क्रिकेट बैट आ बिना गेना वाला फुटबॉलर के विकल्प सुझवले रहे। पार्टी के नाम खातिर तीन प्रस्ताव भेजल गइल रहे।
आयोग कहलस कि समय कम होखे के चलते चुनाव चिह्न (आरक्षण आ आवंटन) आदेस, 1968 के पैरा 15 के तहत पूरा प्रक्रिया अभी पूरा ना हो सकेला। एह कारण से आवे वाला उपचुनाव खातिर ई अंतरिम बेवस्था कइल गइल बा। ई बेवस्था तबले लागू रही, जबले दुनो गुट के विवाद पs अंतिम फैसला ना आ जाला।
बियफे के आयोग दुनो गुट के प्रतिनिधिमंडलन के सुनवाई कइलस। अरूप रॉय आ ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी के प्रतिनिधिमंडल के सुनवाई भइल।
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