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बायो-मैट्रिक के विरोध में शिक्षक करिया-पट्टी बान्ह कइल  लो काम : प्रदर्शन में 21 कॉलेजन के 600 शिक्षक शामिल भइल लो, कहल लो- तुगलकी फरमान ना मानेम सs

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गोरखपुर यूनिवर्सिटी आ संबद्ध कॉलेजन में शिक्षक संघ गुआक्टा के निरदेस पs मंगर के बायो मैट्रिक के विरोध करत गोरखपुर मंडल के शिक्षक करिया पट्टी बान्ह के काम कइल लो। प्रदर्शन में गोरखपुर, कुशीनगर आ देवरिया के 21 कॉलेजन के करीब 600 शिक्षक सामिल भइल लो।

शिक्षकन के कहनाम बा कि राज्य सरकार आ शिक्षा निदेशालय शिक्षकन के श्रमिकन आ कामगारन के तरे मशीनन के सोझा खड़ा कs के आखिर का हासिल कइल चाहत बिया। ऊ  लोग कहल कि शिक्षक के काम मानसिक आ बौद्धिक होला। ऊ लोग पढ़ावे के अलावे सामाजिक कामन में प्रतिभाग करेला लो। सब टीचर कॉलेज के नॉन टीचिंग एक्टीविटीज में सामिल होपा लो। एगो शिक्षक के जिम्मेदारी खाली क्लास रूम तक सीमित ना होला। अइसन में ओह लोगन के उपर बायोमैट्रिक लागू कs के जकड़ल कवनो तरीका से उचित नइखे।

तुगलकी फरमान के ना मानेम 

गुआक्टा के अध्यक्ष केडी तिवारी कहलें कि सरकार के अनैतिक दबाव के वजह से आज शिक्षक कॉलेजन में नैक के तैयारी के खातिर पढ़ाई के घंटा के अलावे तीन से चार घंटे जादे समय दे रहल बा लो। बायो मैट्रिक के दबाव अलग से बनावल जा रहल बा। एगो शिक्षक के एह तरे के समय सीमा में बान्हल कवनो तरे उचित नइखे। राज्य सरकार आ निदेशालय के एह तुगलकी फरमान के कॉलेज के शिक्षक विरोध करत बा लो।

सरकार के होई जिम्मेदारी

जदि शिक्षकन पs ई फरमान लादे के कोसिस कइल गइल तs ऊ आपन काम के दिहल समय सीमा के अलावे काम ना करे खातिर स्वतंत्र होई लो। अइसन में सब प्रतिकूल प्रभावन के जिम्मेदारी निदेशक उच्च शिक्षा आ राज्य सरकार के होई।

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