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‘नीतीश कुमार माफी मांगस’, सीएम के बयान पर भड़कलें सुशील मोदी कहलें- जेल में बंद 25 हजार लोगन के रिहा करे सरकार

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राज्यसभा सदस्य आ भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी जे पिही ऊ मरी’ जइसन टिप्पणी खातिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से माफी के मांग कइले बा। उन्होंने कहा कि बिहार में नाम मात्र के शराबबंदी बा। महागठबंधन के सरकार शराबबंदी के मरल लाश के ढो रहल बिया।

राज्यसभा सदस्य सुशील मोदी मंगर के भाजपा प्रदेश मुख्यालय में प्रेसवार्ता कs के महागठबंधन सरकार के कार्यप्रणाली पs से सवाल खड़ा कइलें। ऊ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पs करारा कटाक्ष कइलें आ कहलें ‘जे पिही, ऊ मरी’ जइसन टिप्पणी खातिर मुख्यमंत्री के माफी मांगे के चाहीं।

सुशील मोदी कहलें कि महागठबंधन सरकार 30 ममिलन में 196 मृत्यु के बात स्वीकार कs रहल बिया। ओहिजा, राज्य सरकार साल 2019 आ 2020 में शून्य मृत्यु के बात कह रहल बिया। ओहिजा, भाजपा के आकंड़ा बतावत बा कि मरे वालन के संख्या 500 से जादा बा।

ऊ कहलें कि शराबबंदी कानून 2016 के धारा 42 में चार लाख मुआवजा के प्रविधान बा। एही धारा में गंभीर रूप से बेमार के दु लाख रुपिया आ आउर पीड़ित के 20 हजार रुपिया के प्रविधान बा। अइसन में जेकर आंखें चल गइल भा जहरीली शराब पीये से विकलांग हो गइल ओकरो दु लाख रुपिया के मुआवजा मिले के चाहीं। मुआवजा भुगतान के प्रक्रिया में पोस्टमार्टम, चिकित्सा प्रमाण पत्र, शराब विक्रेता के नाम आदि जईसन शर्त ना होखे के के चाहीं।

संगही मुआवजा के भुगतान विलंब से करे के कारण ब्याज सहित मुआवजा दिहल जाई।शराबबंदी के बाद करीब 3.61 लाख प्राथमिकी, 5 लाख 17 हजार गिरफ्तारी भइल रहे। ओमे 25 हजार अभियो जेल में बंद बा लो। एमे 90 फीसदी एससी/एसटी/इबीसी बा। अइसन में सरकार के आम माफी के ऐलान कs के सब मुकदमन के वापस लेवे के चाहीं।

सुशील मोदी कहलें कि जेलन में बंद 25 हजार से जादा लोगन के तत्काल रिहा कइल जाये के चाहीं। शराब ममिला में गिरफ्तार लोगन के अलग जेल में रखल जाव। ऊ कहलें कि कवनो माफिया के आज तक सजा ना भइल। इहे ना छव बरिसन में जहरीली शराब के घटनन खातिर दोषी एको व्यक्ति के सजा नइखे भइल। 2016 में 19 मृत्यु के बाद सजा प्राप्त लोगन के पटना उच्च न्यायालय मुक्त कs देलस। आजतक स्पेशल कोर्ट के गठन ना कइल गइल। सीएम स्पीडी ट्रायल के बात करत बारे बाकिर सुरू ना भइल।  बिहार में नाम मात्र के शराबबंदी बा।

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