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गोरखपुर में आयुष्मान कार्ड के मरीज से वसूली: रीढ़ के हड्डी में दरद भइला पs भर्ती भइल रहे पीड़ित, 3 दिन बाद डिस्चार्ज कs के बोलल- हर दिन के लागी पैसा

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गोरखपुर में मरीज से वसूली के एगो अजीबोगरीब ममिला सामने आइल बा। इहां आयुष्मान कार्ड होखला के बाद एडमिट करे खातिर मरीज से पहिले तs पईसा लिहल गइल। फेर तीन दिनन के बाद ओकरा के ई कहके डिस्चार्ज कs दिहल गइल कि दूसरका अस्पताल में भरती हो जा, वरना इहां हर दिन के हिसाब से पईसा लागी।

दरअसल, कुशीनगर के रहे वाला बृजेश पटेल रीढ़ के हड्डी में दरद होखला पs शहर के खोवामंडी इस्थित नेशनल हॉस्पिटल में देखवले तs डॉक्टर मरीज के एडमिट होखे के सलाह देलें। बृजेश के आरोप बा कि ऊ एडमिट होखे से पहिले अस्पताल कर्मियन के आयुष्मान कार्ड होखे के सूचना देले रहे।

बावजूद एकरा अस्पताल कर्मचारी उनका से 10 हजार रुपिया एडमिशन फी के नाम पs जमा करा लेलस। बृजेश बतवलें कि हर दिन दवा आ आउर खर्च अलग से वसूल कइल जात रहे। तीन दिन बीत गइला के बाद अचानक से अस्पताल कर्मी कहल लो कि दोसर कवनो अस्पताल में भरती हो गइला पs इहां हर दिन के अलग से खरचा देवे के पड़ी। ऊ बतवलें कि भरती होखला से पहिले उनका अस्पताल प्रबंधन से पूछलें तs जानकारी मिलल रहे कि आयुष्मान कार्ड धारकन के इलाज सरकारी निरदेसन के अनुसार कइल जाई।

सरकारी सेवा में बाड़ें हॉस्पिटल संचालक

बृजेश बतवलें कि हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर रहमत अली बस्ती जिला में सरकारी सेवा दे रहल बाड़ें। बावजूद एकरा ऊ गोरखपुर में आपन प्राइवेट हॉस्पिटल संचालित कs रहल बाड़ें। बृजेश एकर शिकायत गोरखपुर के CMO से करत कार्रवाई के मांग कइलें बाड़ें। ऊ मुख्यमंत्री कार्यालय के पत्र लिखके न्याय के गुहार लगवले बाड़ें।

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