Jharkhand : कैदी अब जेल से बाहर जाके कs सकिहें काम, झारखंड के 4 जेल में सुरू होई ओपन बैरक सिस्टम

By Shweta Supriya

Published on: Aug 30, 2026

रांची। झारखंड सरकार चुनल कैदियन के दिन में जेल से बाहर जाके काम करे, रोजी-रोटी कमाये आ फेर सांझ के जेल लवटे के इजाजत देवे जा रहल बिया। एह बेवस्था के तहत योग्य कैदी कुछ

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Jharkhand Open Barrack System for Prisoners

रांची। झारखंड सरकार चुनल कैदियन के दिन में जेल से बाहर जाके काम करे, रोजी-रोटी कमाये आ फेर सांझ के जेल लवटे के इजाजत देवे जा रहल बिया। एह बेवस्था के तहत योग्य कैदी कुछ घंटा जेल से बाहर रहके रोजगार कs सकी लो।

मीडिया रिपोर्ट के मोताबिक, ई बेवस्था राज्य के चार सेंट्रल जेल में ओपन आ सेमी-ओपन बैरक सिस्टम के माध्यम से सुरू कइल जाई। एमे रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल, हजारीबाग के जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल, पूर्वी सिंहभूम के घाघीडीह सेंट्रल जेल आ दुमका सेंट्रल जेल सामिल बाड़ें। चारो जेल में ओपन बैरक खातिर बैरक आ सेल के पहचान कs लिहल गइल बा।

सबेरे जेल से निकल के सांझ के करी लो वापसी

IG (जेल) सुदर्शन मंडल सनिचर के बतवलें कि ओपन भा सेमी-ओपन बैरक सिस्टम के तहत चुनल कैदी के सबेरे करीब 6 भा 7 बजे जेल से बाहर जाके काम करे के अनुमति मिली। ऊ लोग अपना परिवार खातिर कमाइयो कs सकी लो आ करीब 12 घंटा बाद जेल वापस आ जाई।

अधिकारी के मोताबिक, ई चारो जेल शहरी इलाका में इस्थित बाड़ी सs, एकरा से कैदियन के रोजगार आ रोजी-रोटी कमाये के बेहतर मवका मिल सकेला।

जेल सुधार के दिशा में अहम पहल

झारखंड सरकार के ई पहल जेल सुधार बेवस्था के मजबूत करे आ कैदियन के समाज में दोबारा घुल-मिल जाये में मदद करे के कोसिस के हिस्सा बा। राज्य कैबिनेट हाल में सरकारी प्रस्ताव के माध्यम से एह बेवस्था के मंजूरी दे चुकल बिया। प्रस्ताव में कहल गइल बा कि झारखंड जेल आ सुधार सेवा अधिनियम, 2025 में ओपन सुधार संस्थान बनावे के प्रावधान मवजूद बा।

सुप्रीम कोर्ट के निरदेस के बाद फैसला

ई फैसला सुप्रीम कोर्ट के सुहास चकमा बनाम भारत संघ ममिला में दिहल निरदेस के बाद लिहल गइल बा। शीर्ष अदालत अइसन राज्यन से, जहां ओपन करेक्शनल इंस्टीट्यूशन (OCI) काम नइखे करत, ओपन सुधार संस्थान बनावे के संभावना पs विचार करे के कइले रहे।

जहां अलग से OCI बनावल संभव ना होखे, उहां मवजूदा जेल के भीतर ओपन भा सेमी-ओपन बैरक बनावे के सुझाव दिहल गइल बा।

अच्छा बेवहार होई मुख्य योग्यता

IG (जेल) सुदर्शन मंडल बतवलें कि एह योजना के तहत कवन कैदी के बाहर जाके काम करे के अनुमति दिहल जाई, एकरा खातिर एगो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तइयार कइल जाई।

कैदियन के अच्छा बेवहार आ जेल के नियम-कायदा के पालन योग्यता के मुख्य आधार होई। माने हर कैदी के जेल से बाहर जाके काम करे के अनुमति ना मिली। खाली तय मानक पs खरा उतरे वाला कैदी के एह सुविधा के लाभ मिल सकेला।

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