इहाँ मेहरारू लोग के पीरियड लीव मिल रहल बा, एक महीना में एतना दिन के छुट्टी पूरा तनखाह के साथे, बस एक काम करे के पड़ी

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मासिक धर्म अवकाश नीति : पीरियड्स भा मासिक धर्म के दौरान कामकाजी महिला के छुट्टी के प्रावधान के मांग बहुत दिन से बढ़ रहल बा। पीरियड भा मासिक धर्म के दौरान महिला कर्मचारी के पूरा वेतन के संगे छुट्टी देवे के इंतजाम करे के मांग बहुत दिन से चलता। सिक्किम हाईकोर्ट एह दिशा में एगो उल्लेखनीय आ ऐतिहासिक कदम उठवले बा । हाईकोर्ट अपना महिला कर्मचारी के वेतनभोगी मासिक धर्म के छुट्टी देवे के घोषणा कइले बिया। हाईकोर्ट रजिस्ट्री भी एह संबंध में अधिसूचना जारी कइले बा। पीरियड लीव भा मासिक धर्म अवकाश नीति के बारे में विस्तृत जानकारी सिक्किम हाईकोर्ट रजिस्ट्री के ओर से जारी अधिसूचना में दिहल गइल बा। एहमें एह छुट्टी के सुविधा के लाभ उठावे खातिर नियम कानून के भी फैसला लिहल गइल बा।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिक्किम हाईकोर्ट रजिस्ट्री महिला कर्मचारी खातीर मासिक धर्म अवकाश नीति लागू कइले बिया। अधिसूचना के मुताबिक हाईकोर्ट के महिला कर्मचारी हर महीना 2-3 दिन के मासिक धर्म अवकाश के लाभ उठा सकतारी। अधिसूचना में आगे कहल गइल बा कि मासिक धर्म के छुट्टी के फायदा उठावे खातिर हाईकोर्ट से जुड़ल मेडिकल स्टाफ से सिफारिश लिहल जरूरी बा । अधिसूचना में कहल गइल कि, ‘हाईकोर्ट रजिस्ट्री में महिला कर्मचारी अब से एक महीना में 2-3 दिन के मासिक धर्म के छुट्टी के लाभ उठा सकतारी, बशर्ते ऊ पहिले हाईकोर्ट से जुड़ल मेडिकल ऑफिसर से संपर्क कs के अइसन छुट्टी खातीर उनकर सिफारिश लेस।’

लीव अकाउंट से छुट्टी ना काटल जाई

सिक्किम हाईकोर्ट के ओर से जारी अधिसूचना में कहल गइल बा कि मासिक धर्म के छुट्टी लेवे पs महिला कर्मचारी के लिव अकाउंट से पईसा ना काटल जाई। संगही, ई छुट्टी कर्मचारी के छुट्टी खाता में ना गिनल जाई। सिक्किम हाईकोर्ट भारत के पहिला हाई कोर्ट हs जवन मासिक धर्म अवकाश नीति लागू कइले बा। भारत के सबसे छोट हाईकोर्ट सिक्किम हाईकोर्ट में तीन गो जज आ एगो महिला अधिकारी समेत नौ गो अधिकारी के रजिस्ट्री स्टाफ बा।

 सुप्रीम कोर्ट के फैसला

फरवरी 2023 में सुप्रीम कोर्ट भारत में महिला छात्रा आ कर्मचारी के मासिक धर्म के छुट्टी के निहोरा करेवाला याचिका के खारिज कs देलस। कहल जात रहे कि एह तरह के मामिला न्यायिक अधिकार से बेसी नीति क्षेत्र में आवेला ।सीजेआई चंद्रचूड के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के पीठ याचिकाकर्ता के महिला आ बाल विकास मंत्रालय से औपचारिक तौर पs निहोरा करे के सलाह देले रहे। बता दीं कि एशिया के अउरी देश जैसे इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया आदि में महिला कर्मचारी के मासिक धर्म के छुट्टी के प्रावधान बा। ताइवान में भी महिला कर्मचारियन के अइसन सुविधा दिहल जाला।

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