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गोपालगंज कोर्ट ले आवल जइहें भगवान : 1 मार्च के फैसला कि तालाब से निकलल अष्टधातु के भगवान कृष्ण हवे भा राम

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तालाब के खुदाई के दौरान निकलल अष्टधातु के मूर्ति केकर हs। एकर फैसला 1 मार्च के सीजेएम कोर्ट में होई। इहो फैसला होगा कि मूर्ति भगवान राम के हs कि श्रीकृष्ण के। अष्टधातु के मूर्ति के दावेदारी के ई ममिला मंगर के गोपालगंज के सीजेएम मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट में आइल। सीजेएम आदेशित कइलें कि मूर्ति के दावेदारी करे वाला विपिन बिहारी श्रीवास्तव 1 मार्च के पर्याप्त साक्ष्य लेके कोर्ट आवस।

ऊ पुलिसो के आदेस देलें कि ओह मूर्ति के तस्वीर अलग-अलग समाचार पत्रन में प्रकाशित करावस, ताकि एकर आउर संभावित दावेदार होखे तs ओकरा सूचना मिले आ ऊ 1 मार्च के कोर्ट आके साक्ष्य देत मूर्ति के पहचान करे।

2018 में चोरी भइल रहे राधाकृष्ण के मूर्ति

13 फरवरी 2018 को वरीरायभान गांव में 1925 में स्थापित श्रीराधाकृष्ण गोपीनाथ मंदिर से अष्टधातु के मूर्ति के चोरी भइल रहे। मूर्ति राधाकृष्ण के रहे। विपिन बिहारी श्रीवास्तव हथुआ थाना में प्राथमिकी दर्ज करवले रहस।

पुलिस ट्रेसलेस बता केस बंद कइले रहे

तत्कालीन अनुसंधानकर्ता प्रशांत कुमार राय सत्य सूत्रहीन बतावत 23 नवंबर 2018 के केस बंद कs देले रहले। 13 जून 2023 के वरीरायभान से तालाब के खुदाई में एगो अष्टधातु मूर्ति मिली। ओकरा के थाना के मालखाना में सुरक्षित रखल गइल। विपिन बिहारी ओकरा के अपना मंदिर से चोरावल गइल राधाकृष्ण के प्रतिमा में कृष्ण के मूर्ति होखे के दावा कइलें।

थानाध्यक्ष श्रीराम के मूर्ति बतवलें, चोरी भइल रहलें कृष्ण

20 फरवरी 2024 को हथुआ के थानाध्यक्ष जवन रिपोर्ट सउपले रहस, ओमे ऊ राधाकृष्ण के मूर्ति ना बलूक रामजानकी मंदिर में स्थापित श्रीराम के मूर्ति होखे के उल्लेख कइले बाड़ें। पुलिस मूर्ति तs श्रीराम के बतवलस बाकिर ओकरा के विपिन बिहारी श्रीवास्तव के पक्ष में मुक्त करे के अनुशंसा कइलस। जबकि विपिन बिहारी श्रीवास्तव के मूर्ति तs कृष्ण के रहे।

साक्ष्य के संगे 1 मार्च के कोर्ट आवास दावेदार

सीजेएम पुलिस के आदेस देलें बाड़ें कि 1 मार्च के मूर्ति कोर्ट ले आवस। चूंकि, विपिन बिहारी अब तक कवनो साक्ष्य नइखन प्रस्तुत कइलें, एहिसे उनको के अपना पूर्वजन के कवनो पुरान तस्वीर भा कवनो अइसन साक्ष्य प्रस्तुत करे के कहल गइल बा, जवना से ई साबित हो सके कि ऊ मूर्ति उहे हs, जवन उनका मंदिर में स्थापित बा।

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