[the_ad_group id="30365"]

भारतीय नौसेना में बिहान शामिल होई विध्वंसक युद्धपोत मोरमुगाओ, हिंद महासागर में बढ़ी देश के ताकत

[the_ad_placement id="above-content"]

Share

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 18 दिसंबर के अपने देश में बनल P15B स्टील्थ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक युद्धपोत ‘मोरमुगाओ’ के भारतीय नौसेना के समर्पित करिहें। नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में एके नौसेना में शामिल कइल जाई। एहसे भारतीय नौसेना के हिंद महासागर में बढ़त मिली अउर देश के समुद्री सीमा के सुरक्षा अउर चाकचौबंद होई। रक्षा मंत्रालय सुक्क के एकर जानकारी दिहलस।

एह विध्वंसक युद्धपोत के भारतीय नौसेना के ‘वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो’ डिजाइन कइल गइल अउर एकर निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई द्वारा कइल गइल। आईएनएस मोरमुगाओ के नाम पश्चिमी तट पर गोवा के ऐतिहासिक बंदरगाह शहर के नाम पर रखल गइल बा। आईएनएम मोरमुगाओ पिछले साल 19 दिसंबर के पहिला बेर समुद्र में उतरल गइल रहे, एही दिन गोवा में पुर्तगाली शासन से मुक्ति पवले के 60 साल पूरा भइल रहे।

भारत में बनल शक्तिशाली युद्धपोत में से एक आईएनएस मोरमुगाओ के लंबाई 163 मीटर अउर चौड़ाई 17 मीटर बा अउर एकर वजन 7,400 टन बा। जहाज चार शक्तिशाली गैस टर्बाइन से लैस बा अउर 30 समुद्री मील से बेसी गति से चल सकsता।

आईएनएस मोरमुगाओ के खूबी

आईएनएस मोरमुगाओ ब्रह्मोस अउर बराक-8 जइसन मिसाइल से लैस बा। एहमें इस्राइल के रडार एमएफ-स्टार लगावल गइल बा। जौन हवा में लमहर दूरी के लक्ष्य के पता लगा सकsता। 127 मिलीमीटर गन से लैस आईएनएस मोरमुगाओ 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य के भेदे में सक्षम बा। एह पर एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम लागल बा। सथही ई एंटी सबमरीन रॉकेट लांचर से भी लैस बा।

[the_ad_placement id="below-content"]

Share this article

Facebook
Twitter X
WhatsApp
Telegram
 
[the_ad_placement id="sidebar-1st"]
[the_ad_placement id="sidebar-2nd"]
[the_ad_placement id="sidebar-3rd"]