यायावरी भोजपुरी महोत्सव 2024 : गोरखपुर में होई भोजपुरी जगत के दिग्गजन के जुटान; साहित्य, सनीमा आ गीत-संगीत से सजी महफिल

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गोरखपुर। शहर के गोकुल अतिथि भवन में 09 जून (अतवार) के यायावरी भोजपुरी महोत्सव के आयोजन होई। एह दिन गोरखपुर में भोजपुरी साहित्य, सनीमा आ गीत-संगीत के दुनिया दिग्गजन के जुटान होई। आयोजन के लेके तइयारी अपना चरम पs बा।

बता दीं कि ई भोजपुरी भाषा के सम्मान, स्वाभिमान आ संरक्षण खातिर समर्पित भोजपुरी के पहिला स्टोरी टेलिंग एप यायावरी वाया भोजपुरी के ई सालाना आयोजन के तिसरका संस्करण हs। एह दिन भोजपुरी बतकही, विचार, गीत संगीत आ संस्कृति के मिठास भोजपुरी प्रेमियन में घुली।

महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में सतीश चंद्र द्विवेदी आ विशिष्ट अतिथि बैजनाथ मिश्र सामिल रही लो।

भोजपुरी अभिनेता कुणाल सिंह के मिली शिखर सम्मान 

यायावरी शिखर सम्मान से सम्मानित होइहें भोजपुरी सिनेमा के जानल- मानल अभिनेता आ भोजपुरी के अभिताभ बच्चन कहल जाए वाला कुणाल सिंह। उनका के ई सम्मान भोजपुरी सनीमा में उनकर अजगुत जोगदान के देखत दिहल जाई।

आठ सत्रन से सजल होई महोत्स्व

सबेरे 11:00 बजे से सुरू होखे वाला महोत्सव में कुल आठ गो सत्र रही। पहिला सत्र उद्घाटन सत्र होई। दूसरका सत्र भोजपुरिया एलिट के माई भाषा से नेह छोह पs केंद्रित रही। तिसरका सत्र में भोजपुरी कथा संसार आ पलायन के सोक गीत पs परिचर्चा होई। चउथा सत्र में भोजपुरी किताब के दुनिया : लेखक, प्रकाशक आ पाठक के संबध आ पांचवां सत्र अकादमिक भोजपुरी से नवकी पौध के नेह पs बतकही होई। छठवां सत्र भोजपुरिया खाद से फलत फुलात बॉलीवुड, सातवां सत्र भोजपुरी के पहिलका साइंस फिक्शन मद्धिम के प्रदर्शन रही। अंतिम सत्र सांस्कृतिक संध्या के समर्पित रही।

महोत्सव में सामिल होई लो दिग्गज भोजपुरिया

यायावरी भोजपुरी महोत्सव में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के राकेश कुमार, लिटल चैम्प फाइनलिस्ट शालिनी दुबे, सिसोदिया सिस्टर्स, अनन्या सिंह, आदित्य राजन, विमल चंद्र पाण्डेय, चंदन पांडेय, सत्य व्यास, केशव मोहन पांडेय, डॉ. क्षमा त्रिपाठी, प्रमोद तिवारी, अनंत कीर्ति तिवारी, ब्रज भूषण मिश्र, विनिता परमार, प्रवीण कुमार, गौतम चौबे, धनंजय सिंह, मुन्ना पांडेय, पंचायत फेम अशोक पाठक शामिल रही लो।

कथाकारी प्रतियोगिता के विजेता लेखकन के होई सम्मान

महोत्सव के दौरान कथाकारी प्रतियोगिता के विजेता लेखकन के सम्मानित कइल जाई। एह साल पहिला स्थान मृत्युंजय कुमार मिश्र के कहानी “मन के बोझ”, दूसरा स्थान स्वरा सिंह के कहानी “रुक्मिणी” आ तीसरा स्थान सरिता सिंह के कहानी “दहेज के रजाई” के मिलल बा। प्रतियोगिता के सांत्वना पुरस्कारन में नंदीश्वर द्विवेदी राजन के “अभागत”, वर्तिका उपाध्याय के “खरोच” आ अनमोल श्रवण के “सात दिन एगो अनोखी प्रेम कहानी” के सम्मान होई।

महोत्सव के आयोजन समन्वयक गौरव मणि त्रिपाठी बतवलें कि पिछला दु बरिसन के तुलना में यायावरी भोजपुरी महोत्सव के ई तिसरका अध्याय भव्य होई। ऊ एह अवसर पs लोगन से बड़ संख्या में प्रतिभाग करेके संगे भोजपुरी महोत्सव के सफल बनावे के अपील कइलें। ऊ बतवलें कि आयोजन सब केहू खातिर खुलल बा आ प्रवेश निःशुल्क होई। एकर तइयारी लगभग पूरा हो चुकल बा।

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