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सबेरे-सबेरे: पाचन तंत्र में सुधार खातीर रोज करीं इs एगो आसन के अभ्यास 

तिर्यक ताड़ासन: फोटो
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योग अभ्यास से शरीर अवुरी मन के संतुलित अवुरी स्वस्थ होखेला। आज के तेज जीवनशैली में तनाव हमनी के जीवन के हिस्सा बन गईल बा, अयीसन स्थिति में स्वस्थ रहे खातीर नियमित रूप से योग कईल जरूरी बा। रोजाना योग के अभ्यास से ना खाली शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होखेला बालुक मानसिक शांति भी मिलेला। योग के विभिन्न आसन आ प्राणायाम से शरीर में ताकत, सहनशक्ति आ लचीलापन बढ़ेला। एकरा संगे, जवना लोग के लंबाई नईखे बढ़त, ओ लोग खातीर अयीसन बहुत योगासन बा, जवना के अभ्यास कईला से लंबाई बढ़ सकता अवुरी शारीरिक फायदा भी हो सकता। एह लेख में योसोम योग स्टूडियो, नोएडा के योग शिक्षक रजनेश शर्मा रउआ सभे के रोज तिर्यक ताड़ासन करे के फायदा बतावत बाड़े।

तिर्यक ताड़ासन: फोटो
तिर्यक ताड़ासन: फोटो

तिर्यक ताड़ासन के का फायदा बा? 

1.तिर्यक ताड़ासन के अभ्यास से शरीर के मांसपेशी खिंचाव होखेला, जवन कि शरीर के ऊंचाई बढ़ावे में मदद करेला। इs आसन रीढ़ के हड्डी के सीधा करेला, जवना से शरीर के मुद्रा में सुधार होखेला अवुरी लंबाई बढ़ेला।

2. तिर्यक ताड़ासन के अभ्यास से पेट के मांसपेशी सक्रिय होखेला अवुरी पाचन तंत्र में सुधार होखेला। एह आसन के नियमित अभ्यास से कब्ज के समस्या दूर हो जाला अवुरी पेट साफ-सुथरा रहेला।

3. तिर्यक ताड़ासन रीढ़ के हड्डी खातिर बहुत फायदेमंद बा। इs रीढ़ के हड्डी के सीधा करेला, जवना से स्कोलियोसिस जईसन समस्या से राहत मिलेला। इs आसन शरीर के असंतुलन के ठीक करे में मदद करेला अवुरी रीढ़ के हड्डी के मजबूत करेला।

4. तिर्यक ताड़ासन फेफड़ा के क्षमता बढ़ावेला अवुरी श्वसन तंत्र में सुधार करेला। एह आसन से साँस लेबे के क्षमता बढ़ेला जवना से शरीर में ऑक्सीजन के स्तर बढ़ जाला.

5. इs आसन शरीर के लचीलापन बढ़ावेला अवुरी मांसपेशी के मजबूत करेला। तिर्यक ताड़ासन के नियमित अभ्यास से शरीर के अंग लचीला अवुरी सक्रिय हो जाला, जवना से रोजमर्रा के काम करे में आसानी होखेला।

6. तिर्यक ताड़ासन के नियमित अभ्यास से शरीर में खून के संचार में सुधार होखेला अवुरी शरीर के अंग में ऑक्सीजन अवुरी पोषक तत्व के आपूर्ति बढ़ेला। इs आसन दिल के स्वास्थ्य में सुधार करेला अवुरी ब्लड प्रेशर के नियंत्रित करेला।

तिर्यक ताड़ासन के अभ्यास कईसे कईल जाला?

गोड़ के एक संगे सीधा खड़ा होके दुनो हाथ उठा के अँगुरी के एक संगे जोड़त हथेली के ऊपर के ओर घुमाईं। एह स्थिति में गहिरा साँस लीं आ धीरे-धीरे अपना शरीर के दाहिना ओर झुकाईं। 5-10 सेकंड ले एही स्थिति में रहीं, फेर धीरे-धीरे वापस आके बाईं ओर झुक जाईं, एह प्रक्रिया के 5-10 बेर दोहराईं। योग शिक्षक के कहनाम बा कि जदी आप पहिला बेर एs आसन के अभ्यास करतानी तs धीरे-धीरे एकर प्रक्रिया बढ़ाई अवुरी जब आप एकर अभ्यास आसानी से करे लागब तs रोज 50-60 बेर तिर्यक ताड़ासन के अभ्यास करीं।

 

 

 

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