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सन्यास के घोषणा के बाद सुनील छेत्री के बड़ बयान; कहले – आखिरी मैच में होखे वाला बा ई बहुत अजीब अहसास…

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भारतीय फुटबॉल के अंतरराष्ट्रीय स्तर पऽ नया पहचान देवे वाला ‘ गोर के जादूगर’ सुनील छेत्री के संन्यास के घोषणा के साथही उनकरा दू दशक से लमहर आ सुनहरा करियर पऽ विराम लाग जाई। एकरा साथे अब देखे के होई कि उनका बाद मैदान में ’11 नंबर के जरसी’ पहिर के के उतरऽता।

कोच शुरूवे में कइले रहले भविष्यवाणी : उत्तराखंड में अपना जड़ के साथे लेले आ दिल्ली में आपन शुरुआती पढ़ाई कइले। छेत्री दिल्ली के सिटी क्लब के ओरो से खेलले। एह शताब्दी के शुरुआत में 2001 में कोलकाता के मशहूर क्लब मोहन बागान में ई छोट लइका फुटबॉल के अपना कौशल से प्रशंसकन के ध्यान खींच लेलस। इस अद्भुत करामाती लइका के देखते बागान के तत्कालीन कोच अम्ल दत्ता भविष्यवाणी कऽ देले रहले – ई हऽ भारत के अगिला बाइ चुंग भूटिया। सुनील छेत्री के पत्नी सोनम भट्टाचार्य उनका कोचे के बेटी हई। जब सुनील 17 साल के रहले तब दुनु जाना के दोस्ती भइल। 2017 में दुनु जाना बियाह कइलें। छेत्री से पहिले दिग्गज बाइ चुंग भूटिया भारतीय फुटबॉल के पहचान रहले। छेत्री के आदर्शों भूटिया रहले। हालांकि छेत्री तत्काल कवनो बहुत बड़ प्रभाव ना छोड़ सकले जबकि भूटिया लीग के जरिये आपन पहचान बना लेले रहले। उऽ घरेलू लीग के साथही भारतीय टीम आ तीसरका टीयर के इंग्लिश लीग के जरिये आपन नाम फुटबॉलप्रेमियन के दिल पs अंकित कऽ देले रहले।बाद में भूटिया अपना कौशल, क्षमता, फिटनेस आ जोश-जज्बा-जुनून के दम पs भारतीय फुटबॉल में एगो संस्था के रूप में मशहूर हो गइल रहले।

नवहन के रोल मॉडल :भूटिया के जइसे छेत्री नवहन के रोल मॉडल बन गइले। इहाँ ले दुनु पोस्टर ब्वाय बने खातिर आपन काम बेहद गर्व आ व्यावसायिकता के साथे कइले। छेत्रीयो कई गो विज्ञापन कंपनियन से करार कइले। भारतीय फुटबॉल में ई दुनु जइसन शायदे कोई रहे। शक्ल- सूरत आ अंग्रेजी में बातचीत करे के क्षमता मदद कइलस, बाकिर ई उनका लो के फुटबॉल आ ओमें नीमन बने खातिर बारीकियन पs ध्यान रहे, जवन अगिला पीढ़ी के ध्यान खींचलस।

23 साल पहिले शुरू भइल सफर : वर्ष 2001 में जूनियर स्तर पs करियर शुरू करे वाला छेत्री चार साल बाद 2005 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में पदार्पण कऽ लेले रहले। पाकिस्तान के खिलाफ ओ पदार्पण मैच में छेत्री गोलो कइले रहले। छेत्री भारत खातिर 94 गोल कइले बाड़े। उनका नांव भारत खातिर सबसे ज्यादा गोल आ सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेले के रिकॉर्ड बा। सक्रिय फुटबॉलरन में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (128) आ लियोनेल मेसी (106) के बाद उनका नांवे सबसे बेसी गोल बा। सबसे बेसी अंतरराष्ट्रीय गोल करे वालन के सूची में चौथा स्थान पs बाड़े।

‘हमार आखिरी मैच होखे वाला बा, अजीब अहसास बा’

सुनील छेत्री कहले, हम खुद से कहनी कि ई हमार आखिरी मैच होखे वाला बा। बहुते अजीब अहसास बा। हर मैच, हर कोच, हर टीम, हर मैदान, हर साथी खिलाड़ी, नीमन – बाउर प्रदर्शन, हमार सब व्यक्तिगत प्रदर्शन, सब कुछ दिमाग में चले लागल। छेत्री कहले, अपना माई – बाबू जी आ पत्नी के बतवले। हमार बाबू जी सामान्य रहले, राहत महसूस करत रहले, खुश रहले। बाकिर हमार माई आ पत्नी रोवे लगली। बाकिर उऽ लोग हमरा के बता ना सकल कि रोअत काहे बा। हम हारल भा कुछ आउर महसूस नइखी कर स था। बस मुझे भीतर से आवाज आई कि यह मेरा आखिरी मैच होना चाहिए।

 

 

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