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मणिपुर में फंसल कानपुर के छात्रन के आपबीती: चाय-नाश्ता आ रोटी मिलल बंद, खाना में खाली सब्जी-चावल

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मणिपुर में चलत हिंसा में कानपुर के कुछ छात्र आ अउरी लोग भी फंसल बाड़े। एह लोग के दिक्कत के अंदाजा एह बात से लगावल जा सकेला कि ओह लोग के पर्याप्त भोजन आ पीये के पानी तक नइखे मिलत। एक लीटर पानी के पूरा दिन बितावे के पड़ेला। छात्र लोग के कहनाम बा कि पानी में केहु जहर मिलावे के अफवाह बहुत व्यापक रूप से फैल गईल बा। एकरा चलते छात्र पानी के आपूर्ति पीये से परहेज करतारे। संस्थान के ओर से पूरा दिन खातीर बोतल में एक लीटर पानी दिहल जाता।

गल्ला मंडी नौबस्ता निवासी आढ़ती सत्यनारायण आ पद्मा देवी के बेटा ज्ञानेन्द्र पटेल मणिपुर के एनआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक क रहल बाड़े। फाइनल इयर के छात्र ज्ञानेन्द्र बतवले कि इम्फाल वेस्ट के लंगोल इलाका में उनुकर हॉस्टल बा। इहाँ पानी के आपूर्ति बंद बा। रोजमर्रा के कामकाज खातिर भी पानी ना मिलेला। एकरा अलावे सुरक्षा के मामला में सीआरपीएफ के जवान रात में इलाका में बिजली बंद करावेले। खाना में तनी-मनी सब्जी-चावल मिल जाला। महाराष्ट्र सरकार अपना विद्यार्थियन के वापस ले लिहलसि जबकि यूपी सरकार के संपर्क अबहीं नइखे भइल।

घंटघर निवासी निशिथ आ सीमा शर्मा के बेटा आवेग शर्मा भी एनआईटी से बीटेक के रहल बाड़े। आवेग बतवले कि बिगड़त माहौल के बाद हॉस्टल में चाय-स्नैक्स अवुरी रोटी के प्रवेश बंद हो गईल बा। खाली एक कटोरी सब्जी आ दू चम्मच चावल उपलब्ध बा। रोटी मांगला पे बतावल गइल कि कारीगर लोग डर से भाग गइल बा। अइसना में जवन मिल रहल बा ऊ बहुते बा। हॉस्टल से तनिका दूरी पे फायरिंग आ आगजनी होला त फेर मन डेरा जाला।

बर्रा के बेटी पति के संगे आर्मी कैंप में मदद लेलस

बर्रा 6 निवासी रविन्द्र तिवारी अवुरी सुनीता के बेटी खुशहाली त्रिपाठी पति अर्पित के संगे मणिपुर में फंसल बाड़ी। खुशहाली बतवले कि पति एनएचएआई में इंजीनियर बाड़े। जब हंगामा शुरू भईल त उ अपना ऑफिस में रहले अवुरी कुछ दूर अपना आवास पे रहले। संगही, बवालियन उनुका पति के संगे काम करेवाला कुछ लोग के घर में आग लगा देले। फेर अचानक फायरिंग शुरू हो गईल। सीआरपीएफ के शिविर आवे तक कई घंटा तक लोग अपना घर अवुरी कार्यालय में बंद रहले। 4 मई से उ अवुरी उनुकर पति असम राइफल्स कैंप में रहत बाड़े। जल्दिये ओह लोग के दोसरा शिविर में भेजे के बा।

साभार- अमर उजाला

 

 

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