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कसीली में श्रीमद्भागवत कथा के भइल समापन, भंडारा के भइल आयोजन

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बरहज(देवरिया)/ अखिलेश कुमार सिंह। बरहज के ग्राम पंचायत कसीली में पिछला सात दिनन से चल रहल श्रीमदभागवत कथा के सनीचर के रात समापन हो गइल। कथावाचक वृंदावन से आइल प्रद्युम्न शास्त्री कइयन गो उपदेसन से भरल वृत्तांत सुनाके भक्तन के निहाल कइलें।

कसीली में 23 अक्टूबर से श्रीमद्भागवत कथा के सुभारंभ कइल गइल। वृंदावन से आइल प्रद्युम्न शास्त्री कथा सुनाके भक्तन के भाव विभोर कइलें। कथा के अंतिम दिन सनीचर के महाराज प्रद्युम्न शास्त्री सातो दिन के कथा के सारांश बतवलें। ऊ बतवलें कि मनुष्य के जिनगी कइयन योनियन के बाद मिलत बा। एकरा के कइसे जिये के चाहीं, इहों समझवलें।

कथा वाचक सूर्यदेव से सत्रजीत के उपहार स्वरूप मिलल मणि के प्रसंग सुनावत मणि के खो गइला पs जामवंत आ श्रीकृष्ण के बीच 28 दिन तक चलल युद्ध आ फेर जामवंती, सत्यभामा समेत श्रीकृष्ण के सब आठ बियाह के कथा सुनवलें। ऊ बतवलें कि कइसे प्रभु दुष्ट भौमासुर के लगे बंदी बनल 16 हजार 100 कन्या के मुक्त करवलें आ ओह  लोगन के पटरानी बनाके मुक्ति दियवलें। ऊ सुदामा चरित्र के विस्तार से सुनवलें। मित्रता निभावत सुदामा के इस्थिति के सुधरलें। गौ वध के विरोध आ गौ सेवा करे पs जोर देलें।

कथा समापन कार्यक्रम के बाद हवन आ प्रसाद वितरित कइल गइल। अंत में मुख्य यजमान आदित्य नारायण मिश्रा कथा सुनवलें आ सुने आइल सब लोगन के आभार जतवलें।

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