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तिल 200 रुपया किलो, तेल खाली 90 रुपया लीटर:गोरखपुर में करोड़न के नकली तेल बिक गइल, व्हाइट आयल में रंग मिलवते बन जा रहल बा पूजा वाला तेल

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गोरखपुर में दिपावली पर नकली तिल के तेल के कारोबार हो रहल बा। 200 रुपया किलो बिके वाले तिल के तेल बाजार में 90 रुपया लीटर में उपलब्ध बा। धनतेरस से पहिलही करोड़न के नकली तिल के तेल बाजार में बेचल जा चुकल बा। खास बात ई बा कि एह तिल के तेल में तिल के एक्को दाना भी नइखे पड़ल।

बाजार में मोमबत्ती, नकली कपूर अउर नकली पूजा तेल

ई नकली तेल सिर्फ व्हाइट आयल में रंग मिला के बनावल जा रहल बा, जौन कि एगो पेट्रोलियम प्रोडक्ट ह। शहर के इलाहीबाग में अपने घर पर जगमग नकली कपूर, मोमबत्ती अउर नकली तिल के तेल दिन रात बन रहल बा। एह नकली तेल के सप्लाई शहर के साहबगंज मंडी से लेकर पूरा गोरखपुर मंडल में हो रहल बा। शहर में एके बेचे खातिर दू डिपो भी बनावल गइल रहे।

50 से 55 रुपया लीटर तैयार हो रहल बा नकली तेल

हालांकि खास बात ई बा कि एह बोतलन पर कहीं भी तिल के ​तेल नइखे लिखल गइल। अलग-अलग नाम से पैक्ड एह तेल के बोतल पर शातिर सब खाली पूजा तेल ही लिखले बानें ताकि उ भगवान के नजर में ज्यादा न गिरे पावें। व्यापारी के मुताबिक व्हाइट आयल बाजार में 50 से 55 रुपआ लीटर उपलब्ध बा।

एकरे बाद एहमें खाली 5 से 10 रुपया के रंग मिला के 100 लीटर से अधिक तेल तैयार हो जाला। एकरे बाद करीब 3.50 रुपया प्रति प्लास्टिक के बोतल में एके पैक कs के ओपर एक कागज के स्टिकर लगावल जाला। एकरे बाद एह तेल के गत्ता में पैक्ड क के मार्केट में सप्लाई कs दीहल जाला।

जांच कs के होई सख्त कार्रवाई

जबकि सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह के कहनाम बा, “अगर अइसन बा त ई पूरा तरह से गलत बा। एकर जांच क के कार्रवाई कइल जाई। जहां भी अइसन तेल बनावल जा रहल, उनकर जांच करावल जाई अउर अगर ओमें पेट्रोलियम पदार्थ मिलल त ओपर सख्त कार्रवाई कइल जाई।”

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