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राजेंद्र बाबू के आत्मकथा एक लाख परिवारन तक पहुंचावल जाई 

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देस के पहिला राष्ट्रपति देशरत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के पावन धरती के माटी आ उनका जीवनी के पूरा विश्व में एक लाख परिवान तक पहुंचावल जाई। जवना से राजेंद्र बाबू जइसन विभूति के व्यक्तित्व आ कृतित्व के आवे वाली पीढ़ी आत्मसात कs के उनका पद चिह्नन पs चल सकें।

ई बात अतवार के राजेंद्र बाबू के पैतृक आवास पहुंचल भारत मिशन के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद पांडे कहलें। कार्यक्रम के दौरान राजेंद्र बाबू के आत्मकथा आ उनका जन्मस्थली के पावन माटी के विश्व के एक लाख परिवारन के बीच बांटे के संकल्प लिहल गइल। एह दौरान बतावल गइल कि आवे वाला 17 दिसंबर के गाजियाबाद से पूर्व सांसद आरके सिन्हा कावर से एकर सुभारंभ कइल जाई।

बतावल गइल कि कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य पूरा विश्व के देशरत्न जइसन महान विभूति के जीवनी के बारे में जनावे आ उनका पद चिह्नन पs चले खातिर कृत संकल्पित होखे खातिर बा।

अमर स्वतंत्रता सेनानी आ देस के पहिला राष्ट्रपति रहल डॉ० राजेंद्र प्रसाद 26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962 तक एह पद के सुसोभित कइलें।

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