गोरखपुर: स्व. कवि सत्य नरायन मिश्र ‘सत्तन ‘ के भोजपुरी भाषा आ ओकर व्यंजना के जेतना ज्ञान रहे ओतना आज के समकालीन कवियन में देखे के ना मिलेला! करीब सोलह सौ सालन से जादे समय से चलल आ रहल ई भाषा गोरख, कबीर, रैदास जइसन कालजयी रचनाकार देले बिया।। एकरा बादो संविधानिक स्तर पs एकर समुचित सम्मान ना मिल पावल दुखद बा।









