PM Kisan: पीएम किसान योजना में छंटनी, करोड़न किसानन के ना मिली 13वां किस्त, मोदी सरकार लगवलस 4 फिल्टर

Anurag Ranjan

PM Kisan Yojana: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अगस्त-नवंबर भा 12वां किस्त के बाद अब 13वां किस्त के तइयारी सुरू हो गइल। मोदी सरकार पीएम किसान योजना (PM Kisan) में फर्जीवाड़ा रोके खातिर जइसही ई केवाईसी(PM Kisan eKYC) के माध्यम से आधार लिंक (Aadhaar Link) करे वाला चउथा डिजिटल फिल्टर लगवलस तs लाभार्थी किसानन के संख्या 6 महीना में करीब दु करोड़ कम हो गइल। जदि अइसने रहल तs 13वां किस्त से 2 करोड़ किसानन के हाथ धोवे के पड़ सकत बा।

बता दीं की 11वां किस्त सहित अप्रैल-जुलाई के किस्त में एह योजना के लाभ 11.27 करोड़ से बेसी किसानन के मिलल, जवन 12वां किस्त में घटके 8.72 करोड़ रह गइल। एह योजना के तहत मोदी सरकार पात्र किसानन के हर साल 6000 रुपिया के आर्थिक सहायता 2000-2000 रुपये के तीन किस्तन में देवेले। अब तक सरकार 12 गो किस्त जारी कइले बिया।

पीएम किसान पोर्टल पर दिहल गइल आंकड़न के मोताबिक एह चउथा फिल्टर के चलते उत्तर प्रदेश के 2.83 करोड़ रजिस्टर्ड किसानन में से खाली 64 फीसदी के अगस्त-नवंबर के किस्त मिल पाइल। जबकि पंजाब में ई संख्या खाली 9 फीसद रह गइल बा। कृषि मंत्रालय किसानन के डेटा के पारदर्शी बनावे खातिर तीन गो फिल्टर पहिलही से लगवले रहे। फेर आधार लिंक्ड पेमेंट के रूप में चउथा फिल्टर लगवलस तs लाभार्थियन के संख्या घटे लागल।

एह वजह से लद्दाख में 11 फीसद, हिमाचल में 45 फीसद, राजस्थान में 32 फीसद, गुजरात में 22 फीसद, ओडिशा में 47 फीसद, पश्चिम बंगाल में 14 फीसद, आंध्र प्रदेश में 26 फीसद आ मणिपुर में 30 फीसद किसानन के खातन में अगस्त-नवंबर के 2000 रुपिया के किस्त अब तक नइखे पहुंच पाइल।

अब पीएम किसान पोर्टल भा कृषि विभाग से रजिस्टर्ड किसानों के पास ई-केवाइसी करावे खातिर लगातार मैसेज भेजल जा रहल बा, ताकि कवनो पात्र किसान 13वां भा दिसंबर-मार्च के किस्त से वंचित ना हो पावे। बता दीं किसानन के ई-केवाईसी लागू कर दिहल गइल बा आ आधार पेमेंट ब्रिज के जरिए भुगतान कइल जा रहल बा।

फर्जी लाभार्थियन के पहचाने खातिर पीएफएमएस (PFMS), यूआईडीएआई (UIDAI), आईटी (IT) आ एनपीसीआई (NPCI) जइस न सस्था कड़ा निगरानी कर रहल बा। हा लाभार्थी के जमीन के रिकॉर्ड के आधार से मिलान कइल जा रहल बा। डेटा के UIDAI सर्वर पर भेजके के पहचान कइल जा रहल बा। लाभार्थी के बैंक खाता के ऑथंटिकेशन, किसान के डेटा आ बैंक खाता के मिलान कइल जा रहल बा। बैंक एकाउंट प्रमाणित होखला के बाद NPCI से आधार लिंक्ड भुगतान कइल जा रहल बा।

के बा अपात्र

  • संवैधानिक पद पर काम कर रहल भा कर चुकल पूर्व भा मवजूदा मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर, पंचायत प्रमुख।
  • केंद्र-राज्य सरकार के मवजूदा भा अवकाश प्राप्त कर्मचारी।
  • सभे अवकाश प्राप्त पेंशनभोगी, जेकर मासिक पेंशन 10 हजार रुपिया भा एकरा से बेसी बा।
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सिविल इंजीनियर, भोजपुरिया, लेखक, ब्लॉगर आ कमेंटेटर। खेल के दुनिया से खास लगाव। परिचे- एगो निठाह समर्पित भोजपुरिया, जवन भोजपुरी के विकास ला लगातार प्रयासरत बा। खबर भोजपुरी के एह पोर्टल पs हमार कुछ खास लेख आ रचना रउआ सभे के पढ़े के मिली। रउआ सभे हमरा के आपन सुझाव anuragranjan1998@gmail.com पs मेल करीं।